फर्जीवाड़ा: दूसरे छात्र की डिग्री पर नौकरी का खेल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Feb 2015 11:45 AM (IST)
विज्ञापन

सोनवर्षाराज. माल महाजन का और मिर्जा खेले होली, वाली कहावत शिक्षा माफियाओं की वजह से विद्या के मंदिर तक को अपनी चपेट में ले चुकी है. मधुबनी जिला के लोकहा निवासी राजेश कुमार पिता जितेंद्र प्रसाद की डिग्री को अपना बता सोनवर्षाराज प्रखंड के कोपा पंचायत स्थित शिवपुर गांव निवासी मुरलीधर महतो पिता जगदीश प्रसाद […]
विज्ञापन
सोनवर्षाराज. माल महाजन का और मिर्जा खेले होली, वाली कहावत शिक्षा माफियाओं की वजह से विद्या के मंदिर तक को अपनी चपेट में ले चुकी है. मधुबनी जिला के लोकहा निवासी राजेश कुमार पिता जितेंद्र प्रसाद की डिग्री को अपना बता सोनवर्षाराज प्रखंड के कोपा पंचायत स्थित शिवपुर गांव निवासी मुरलीधर महतो पिता जगदीश प्रसाद महतो वर्ष 2013 से ही सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय पहाड़पुर में शिक्षक की नौकरी कर रहा है.
जिसमें मधुबनी निवासी राजेश के मैट्रिक, इंटर, स्नातक, बीएड व टीइटी के प्रमाण पत्रों का फर्जीवाड़ा कर नियोजन इकाई को गुमराह कर रहा है, जबकि वास्तविक छात्र राजेश कुमार प्लस टू एमएल एकेडमी दरभंगा में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं. जिले में दर्जनों इस प्रकार के मामले हैं, जिसमें लाखों की लेन देन कर फर्जी अंक पत्र व प्रमाण पत्रों का उपयोग कर सरकार को मानदेय का चुना लगाया जा रहा है.
मेधावी छात्र को बनाया निशाना : फर्जीवाड़ा करने के लिए प्रयुक्त किये गये प्रमाण पत्रों में उक्त युवक ने मधुबनी लोकहा के खुटौना निवासी राजेश कुमार के सभी दस्तावेज में हेरफेर कर प्रयोग किया है. इसमें 1999 में एलएनजे हाई स्कूल, लौकहा से मैट्रिक, इंटर की परीक्षा 2001 में सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा, स्नातक की परीक्षा 2005 में एलएन मिथिला विवि दरभंगा से पास की थी. इसके अलावा फर्जी युवक ने राजेश के टीइटी व बीएड की डिग्री का भी उपयोग नियोजन इकाई के समक्ष किया है.
प्रमाण पत्र में हुई छेड़छाड़: नियोजन इकाई से प्राप्त प्रमाण पत्रों में संलगA प्रमाण पत्रों में रोल नंबर, रोल कोड, प्राप्तांक व विद्यालय की बखूबी नकल की गयी है. खास बात यह है कि वर्ष 99 में मैट्रिक उत्तीर्ण प्रमाण पत्र पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के तत्कालीन सचिव हसन वारिश की जगह अनुप कुमार सिन्हा का हस्ताक्षर अंकित है. इसके अलावा प्रमाण पत्र का प्रारूप भी वर्ष 1999 से अलग है.
कहते हैं डीइओ : डीइओ खालिक अहमद ने कहा कि मामला गंभीर है. विद्यालय व नियोजन इकाई को जांच का निर्देश दिये है. फर्जीवाड़ा साबित होने पर कार्रवाई की जायेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










