राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी पक्षकारों की भीड़, 23 बेंचों के माध्यम से हुआ मामलों का त्वरित निपटारा

Published by :Divyanshu Prashant
Published at :09 May 2026 3:09 PM (IST)
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी पक्षकारों की भीड़, 23 बेंचों के माध्यम से हुआ मामलों का त्वरित निपटारा

लोक अदालत का उद्घाटन करते प्रभारी डीजे, डीएम, एसपी व अन्य

सहरसा व्यवहार न्यायालय में शनिवार को साल की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 23 बेंचों के माध्यम से बैंक ऋण, बिजली और सड़क दुर्घटना जैसे सैकड़ों सुलहनीय मामलों का त्वरित निपटारा किया गया. प्रभारी जिला जज और जिलाधिकारी द्वारा उद्घाटित इस लोक अदालत में पक्षकारों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां आपसी सहमति से मुकदमों को समाप्त कर लोगों को वर्षों पुरानी कानूनी उलझनों से राहत दी गई.

विज्ञापन

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: व्यवहार न्यायालय परिसर के टेन कोर्ट बिल्डिंग में शनिवार को साल की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश शर्मा, जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु और विधिवेत्ता संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत को आपसी भाईचारे और सुलभ न्याय का सशक्त माध्यम बताया.

‘न हार न जीत’, दोनों पक्षों की जीत का मंच

समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी जिला जज दिनेश शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत वास्तव में जनता की अपनी अदालत है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यहाँ किसी की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है और इसका फैसला अंतिम होता है. उन्होंने लोगों को नसीहत दी कि छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि छोटे विवादों के खत्म होने से बड़े मुकदमे अपने आप समाप्त हो जाते हैं.

23 बेंचों पर सुलहनीय मामलों की हुई सुनवाई

लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 23 बेंचों का गठन किया गया था, जिनमें न्यायिक पदाधिकारियों के साथ अधिवक्ता भी शामिल रहे. इन बेंचों के माध्यम से वाहन दुर्घटना क्लेम, चेक बाउंस, बैंक ऋण, बिजली विभाग और ट्रैफिक चालान जैसे सुलहनीय मामलों का निःशुल्क और त्वरित निष्पादन किया गया. सहरसा न्यायमंडल में गठित 13 मुख्य पीठों पर सुबह से लेकर शाम तक पक्षकारों के आने का सिलसिला जारी रहा.

हेल्प डेस्क और प्रबंधन की सक्रियता

पक्षकारों की सहायता के लिए न्यायालय परिसर में तीन हेल्प डेस्क बनाए गए थे, जहाँ पीएलवी भीम कुमार, सावन कुमार और सौरभ प्रकाश सहित अन्य कर्मी लोगों को सही बेंच तक पहुँचाने में सक्रिय रहे. कोर्ट मैनेजर रवि कुमार और नाजीर निसार अहमद ने पूरी प्रबंधन व्यवस्था की कमान संभाली. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने बताया कि वैकल्पिक विवाद समाधान का यह सबसे प्रभावी तरीका है, जिसका लाभ उठाकर लोग वर्षों पुरानी कानूनी उलझनों से मुक्त हो रहे हैं.

विज्ञापन
Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन