बलुआहा एमडीएम कांड की जांच करने पहुंचे आलाधिकारी, शिक्षकों पर FIR से ग्रामीणों में आक्रोश
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 09 May 2026 3:51 PM
आक्रोशित ग्रामीण
महिषी के बलुआहा मध्य विद्यालय में जहरीला मध्याह्न भोजन खाने से 250 बच्चों के बीमार होने के मामले की जांच करने आलाधिकारी पहुंचे, जहां बंद कमरे में शिक्षकों और ग्रामीणों से पूछताछ की गई. इस मामले में एनजीओ के साथ-साथ शिक्षकों और रसोइयों पर भी प्राथमिकी दर्ज किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, जिनका आरोप है कि प्रशासन असली दोषियों को बचाने के लिए शिक्षकों पर दबाव बना रहा है.
सहरसा से दीपांकर की रिपोर्ट: मध्य विद्यालय बलुआहा में जहरीला मध्याह्न भोजन (MDM) खाने से ढाई सौ बच्चों के बीमार होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. शनिवार को उप विकास आयुक्त (DDC) की अगुवाई में अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय दल जांच के लिए विद्यालय पहुंचा. जहां अधिकारियों ने बंद कमरे में शिक्षकों, रसोइयों और ग्रामीणों से पूछताछ की. हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर पाबंदी रही.
दाल में सांप मिलने के बाद मचा था हड़कंप
बता दें कि तीन दिन पूर्व विद्यालय में परोसी गई दाल में मरा हुआ सांप मिलने के बाद हड़कंप मच गया था. दूषित भोजन खाने से करीब 250 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी, जिन्हें आनन-फानन में पीएचसी और सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. इस घटना के बाद से ही आक्रोशित ग्रामीणों ने एनजीओ द्वारा भेजी जा रही एमडीएम सामग्री को विद्यालय में घुसने से रोक दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सुरक्षित भोजन की गारंटी नहीं मिलती, वे बच्चों को एमडीएम नहीं लेने देंगे.
शिक्षकों और रसोइयों पर FIR से भड़के लोग
प्रशासन द्वारा इस मामले में एनजीओ कर्मी के साथ-साथ विद्यालय के दो निर्दोष शिक्षकों और रसोइयों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन मुख्य दोषी एनजीओ को बचाने के लिए शिक्षकों और रसोइयों पर दबाव बना रहा है. लोगों का कहना है कि भोजन एनजीओ से बनकर आता है, ऐसे में शिक्षकों की क्या गलती है? शनिवार को जांच के बाद डीडीसी ने कहा कि अनुसंधान जारी है और जो निर्दोष होंगे उन्हें मुक्त कर दिया जाएगा.
पुलिस की सख्ती से पनप रहा आक्रोश
दूसरी ओर, एसडीपीओ आलोक कुमार ने ग्रामीणों द्वारा एमडीएम सामग्री लौटाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालना बताते हुए सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का संकेत दिया है. इधर, पुलिस ने विद्यालय के सभी शिक्षकों और रसोइयों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है. पुलिस की इस कार्रवाई से शिक्षकों में दहशत है और ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश पनप रहा है, जिससे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
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By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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