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जब कागज हो तैयार तो फिर डर काहे का...

Updated at : 17 Sep 2019 7:26 AM (IST)
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जब कागज हो तैयार तो फिर डर काहे का...

सहरसा : सरकार ने ट्रैफिक अधिनियम के तहत जुर्माने की राशि क्या बढ़ा दी कुछ दिनों से लोगों का भागदौड़ दोगुना हो गया है. ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर पॉल्युशन तक के कागजात अपटूडेट कराने की होड़ चल पड़ी है. सभी कामों को पीछे छोड़ लोग अपने वाहन के कागजातों को दुरुस्त कराने दिनभर परिवहन विभाग […]

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सहरसा : सरकार ने ट्रैफिक अधिनियम के तहत जुर्माने की राशि क्या बढ़ा दी कुछ दिनों से लोगों का भागदौड़ दोगुना हो गया है. ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर पॉल्युशन तक के कागजात अपटूडेट कराने की होड़ चल पड़ी है. सभी कामों को पीछे छोड़ लोग अपने वाहन के कागजातों को दुरुस्त कराने दिनभर परिवहन विभाग के कार्यालय के चक्कर काटने में लगे हुये हैं.

लेकिन इसी क्षणिक भागदौड़ के बाद लोगों के चेहरे पर जंग जितने जैसी खुशी दिखने लगती है और जुर्माने का डर सर से गायब हो जाता है. जिले के अधिकांश लोगों ने थोड़ी सी भागदौड़ करके अपने आप को सुरक्षित कर लिया है. शहर से लेकर गांव तक के लगभग 50 प्रतिशत से ज्यादा लोग अपने कागजात दुरुस्त कराकर ट्रैफिक नियमों का पालन करते बेखौंफ अपने सफर को सुहाना कर रहे हैं. कुछ समय के लिए लोगों में ट्रैफिक अधिनियम के तहत बढ़ाये गए जुर्माना की राशि को लेकर नाराजगी दिखी.
लेकिन सघन वाहन जांच के दौरान वसूली गयी जुर्माने की राशि सहित लगतार जागरूकता के लिए अखबारों में छपी खबर के बाद लोग जागरूक हुए. वहीं कुछ लोग सड़क पर नियम के साथ चलने वाले को देखकर भी जागरूकता आयी. जबकि अधिकांश लोग कई वर्षों से बिना कागजात के ही बचते-बचाते अपने वाहन को चला रहे थे. जिसमें किसी का ड्राइविंग लाइसेंस रिन्युअल नहीं है तो किसी का इंश्योरेंस कई वर्षों से फेल है तो किसी का पॉल्युशन आज तक हुआ ही नहीं था.
आज के समय में इन सभी कमियों को लोगों ने पूरा कर लिया है. जिसके सिर पर आज तक किसी ने हेलमेट नहीं देखा, जुर्माने का डर ने उसे भी हेलमेट पहनने पर मजबूर कर दिया. लोग इसके विरुद्ध जाने से अब डरने लगे हैं. घर से निकलने के साथ ही वाहन से संबंधित सभी कागजात अपने साथ रखना नहीं भूलते हैं. उसके बाद जब लोग घर से निकलते हैं तो सीना चौड़ा कर बेखौफ निकलते हैं.
सहरसा जिला
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम हेतु सुपौल भेजकर परिजन को सुपुर्द कर दियार. विद्यालय की ओर से 03 लाख रूपये तथा सरकार की तरफ से 04 लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया गया. थानाध्यक्ष उदय कुमार ने कहा की आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन मिलने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.
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