Jharkhand: गर्मी की छुट्टियों में भी नहीं छूटेगी पढ़ाई, 35000 से अधिक विद्यालयों में चलेगा ‘ग्राम शिक्षा संगम’
Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 05 Jun 2026 9:52 PM
ग्राम शिक्षा संगम की सांकेतिक तस्वीर AI Image
Jharkhand: झारखंड सरकार ने विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को लगातार बनाए रखने के लिए गर्मी की छुट्टियों में ‘ग्राम शिक्षा संगम’ कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है. इसके तहत राज्य के 35 हजार से अधिक विद्यालयों में विभिन्न शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें...
संजीत मंडल, देवघर
Jharkhand: झारखंड में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर “ग्राम शिक्षा संगम” कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है. राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा झारखंड शशि रंजन के निर्देश पर यह कार्यक्रम पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है. इसके तहत राज्य के कुल 35,091 विद्यालयों में शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जायेंगी. कार्यक्रम के संचालन के लिए कुल 1 करोड़ 75 लाख 46 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है.
विद्यालयों को जोड़कर सीखने की निरंतरता पर फोकस
शिक्षा विभाग के अनुसार गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चों का स्कूल से जुड़ाव कमजोर हो जाता है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में. इसी अंतर को पाटने के लिए ग्राम शिक्षा संगम के तहत गांव स्तर पर ही सीखने का वातावरण तैयार किया जायेगा. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पढ़ने, समझने और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनकी शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखना है. अधिकारियों के अनुसार इस दौरान पठन-पाठन के साथ कहानी वाचन, खेल आधारित शिक्षण, समूह गतिविधियां और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया जायेगा, ताकि बच्चे स्कूल से दूर रहने के बावजूद सीखने की प्रक्रिया से जुड़े रहें.
कम से कम पांच दिनों तक चलेगा कार्यक्रम
निर्देश के अनुसार ग्राम शिक्षा संगम का आयोजन प्रत्येक विद्यालय में कम से कम पांच दिनों तक किया जायेगा. आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय प्रबंधन समिति और स्थानीय समुदाय के सहयोग से इसकी अवधि बढ़ायी भी जा सकती है. कार्यक्रम के संचालन में स्थानीय स्तर की भागीदारी को भी महत्व दिया गया है, ताकि विद्यालय और समुदाय मिलकर बच्चों के लिए सीखने का बेहतर वातावरण तैयार कर सकें.
प्रति विद्यालय 500 रुपये तक खर्च की अनुमति
राज्य मुख्यालय ने कार्यक्रम के संचालन के लिए लोकभागीदारी मद से प्रति विद्यालय 500 रुपये तक व्यय की अनुमति दी है. जिला स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये और आयोजन के बाद व्यय का साक्ष्य सहित प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराया जाये. इसके बाद नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जायेगी.
संताल परगना में 9009 विद्यालय, 45.06 लाख रुपये स्वीकृत
राज्य के संताल परगना प्रमंडल में यह कार्यक्रम बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है. यहां कुल 9009 विद्यालयों के लिए 45.06 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है. जिलावार वितरण में दुमका को सबसे अधिक और पाकुड़ को सबसे कम राशि मिली है.
हाइलाइट्स
- झारखंड के 35,091 विद्यालयों में ग्राम शिक्षा संगम कार्यक्रम लागू.
- राज्यभर में 1.75 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति;
- प्रत्येक विद्यालय में कम से कम 5 दिनों तक शैक्षणिक गतिविधियां.
- संताल परगना के 9009 विद्यालयों को 45.06 लाख रुपये आवंटित.
- दुमका को सबसे अधिक और पाकुड़ को सबसे कम राशि मिली.
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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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