श्रावणी मेला के दौरान देवघर में चाक-चौबंद होगी सुरक्षा व्यवस्था, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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देवघर का बाबा बैद्यनाथ मंदिर. फाइल फोटो

Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला को लेकर झारखंड सरकार ने देवघर में सुरक्षा और सुविधाओं की व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सड़क, भीड़ नियंत्रण, पुलिस तैनाती, चिकित्सा शिविर, स्वच्छता, पेयजल और कांवरियों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

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रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट

Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर झारखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी उद्देश्य से मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.

देवघर और बासुकीनाथ तक सड़क होगी दुरुस्त

बैठक में मुख्य सचिव ने सबसे पहले सड़क व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने पथ निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि बासुकीनाथ से देवघर तक की सभी प्रमुख सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुगम बनाया जाए. साथ ही झारखंड के विभिन्न जिलों से देवघर आने वाले सभी प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहां जल्द मरम्मत का कार्य पूरा किया जाए. उन्होंने देवघर शहर के भीतर की प्रमुख सड़कों को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को जाम, गड्ढों या खराब सड़कों के कारण किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

भीड़ नियंत्रण पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेला के दौरान सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन होती है. इसलिए पुलिस और प्रशासन को पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी होगी. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने, कतार प्रबंधन और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में आधुनिक निगरानी व्यवस्था, पर्याप्त बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के सभी आवश्यक उपाय किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़ या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी पूरी तरह चाक-चौबंद

बैठक में मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र, मंदिर परिसर, कांवरिया पथ और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए. इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने, आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीमों की तैनाती तथा कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

कांवरियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले लाखों कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए. इसके लिए पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर नियमित सफाई अभियान चलाया जाए. कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था की जाए और स्वच्छता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जाए.

स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन पर विशेष तैयारी

बैठक में स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर पर्याप्त संख्या में चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएं. प्रत्येक शिविर में डॉक्टर, नर्स, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहें. मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी अलर्ट रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, अग्निशमन दल, बचाव दल और अन्य आवश्यक संसाधन पहले से तैयार रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.

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सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश

मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि श्रावणी मेला केवल देवघर जिला प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और समय-समय पर तैयारियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इस वर्ष श्रावणी मेला पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बने. इसके लिए सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी तैयारियां पूरी करने और किसी भी तरह की कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का लक्ष्य है कि बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिले.

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