ड्रेनेज निर्माण में अतिक्रमण बना बाधा

Updated at : 26 Jul 2019 7:46 AM (IST)
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ड्रेनेज निर्माण में अतिक्रमण बना बाधा

सासाराम : शहर के पानी निकासी के लिए नगर पर्षद द्वारा कराये जा रहे ड्रेनेज निर्माण में पुरानी जीटी रोड के किनारे किये गये अतिक्रमण सबसे बड़ा बाधा बन रहा है. नगर पर्षद ड्रेनेज निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में लगा है. इसके लिए सड़क किनारे सरकारी जमीनों की नापी करा निशान भी दे दिया […]

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सासाराम : शहर के पानी निकासी के लिए नगर पर्षद द्वारा कराये जा रहे ड्रेनेज निर्माण में पुरानी जीटी रोड के किनारे किये गये अतिक्रमण सबसे बड़ा बाधा बन रहा है. नगर पर्षद ड्रेनेज निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में लगा है. इसके लिए सड़क किनारे सरकारी जमीनों की नापी करा निशान भी दे दिया है. नप का शहर के लोगों के निजी जमीन से सटा नाले की खुदाई कराने की योजना है.

एसपी जैन कॉलेज गेट से लेकर बेदा नहर पुल तक पुरानी जीटी रोड के किनारे निजी मार्केट में खोले गये विभिन्न दुकानदारों द्वारा सड़क किनारे की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया है. इसके लिए नगर पर्षद कई बार दुकानदारों व मकान मालिकों को नोटिस भेज अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है.
इसके बावजूद अबतक शहर के एक भी लोगों ने सड़क किनारे किये गये अतिक्रमण हटाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जो नप के लिए बड़ी चुनौती है. कई लोग तो सरकारी जमीन पर भी मकान का निर्माण कर लिये हैं. ऐसे में उनके मकानों को तोड़ना भी नप के लिए मुश्किल होगा. अब शहर के लोगों को इस बात का इंतजार है कि इन अतिक्रमणकारियों से नप किस तरह से निबट कर शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाता है.
गलियों में जलजमाव से परेशानी
अभी बरसात का समय है, शहर की हर गली जलजमाव से कराह रही है. ऐसे में जलजमाव के बीच घुटन भरी जिंदगी गुजार रहे शहर के लोगों को तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था के लिए नप पर निगाह है. इधर सड़क किनारे से दुकानदार अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं है. जबकि नप द्वारा नोटिस भी भेजी जा चुका है.
अतिक्रमणकारियों के इस रवैये से शहरवासी भी चिंता में है कि अगर अतिक्रमण हटाने का मामला कोर्ट तक पहुंचता है, तो ड्रेनेज निर्माण में काफी विलंब हो सकता है और अगला वर्ष भी नारकिये स्थिति से गुजरने की नौबत आ सकती है.
कोर्ट जाने की तैयारी में अतिक्रमणकारी
पुरानी जीटी रोड के किनारे काफी सरकारी जमीन है. इस पर वर्षों से दुकानदारों का ेेअतिक्रमण है. अगर इस जमीन को खाली करा दिया जाता है, तो शहर के सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण समेत ड्रेनेज निर्माण भी बेहतर तरीके से हो जायेगा,लेकिन सबसे बड़ी चुनौती उन अतिक्रमणकारियों की है, जो वर्षों से इन सरकारी जमीन पर अपना कब्जा जमा रखे हैं.
नोटिस के बावजूद खाली करने में रुचि नहीं लेना उनके मंसूबे को दर्शाता है. शहर के कुछ लोगों के अनुसार ये अतिक्रमणकारी जमीन पर अपना अधिकार जताने के लिए कोर्ट का भी शरण ले सकते हैं.
क्या कहती हैं अधिकारी
शहर में ड्रेनेज का निर्माण कार्य चल रहा है. इसमें किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जायेगी. जो लोग सड़क किनारे चाट व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किये है, उनको नोटिस भेजा गया है. अगर नोटिस के बाद भी वे अपनी अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो नगर पर्षद अपने संसाधन से अतिक्रमण हटा संबंधित लोगों से जुर्माना वसूलेगी.
कुमारी हिमानी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद सासाराम
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