नौहट्टा : दारानगर गांव अंतर्गत सोनपुरा राज के ठाकुरबारी में सर्वदेव प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के लिए बुधवार को जलयात्रा निकली. इसका आयोजन वाराणसी के आचार्य मंकेश्वर शुक्ला व एस्ट्रोगुरू सत्यानंद पाठक के देखरेख में हुआ. वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ठाकुरबारी से तीन किमी दूर स्थित सोन, कोयल व सरस्वती नदी के संगम पर स्थित दसशीशानाथ धाम पहुंच कर कलश में जल भर कर लाया गया.
राजा के वंसज टिकैत बिजेंद्र नाथ शाही द्वारा स्थानीय ब्राह्मणों की पूजा, आचार्य पूजा, पंचांग पूजा, अग्नि पूजा कर प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ प्रारंभ किया गया. सोनपुरा स्टेट का राज्य करीब चार सौ किमी क्षेत्र के 84 मौजा में फैला हुआ था. उसकी राजधानी दारानगर गांव स्थित बेलौजा में थी.
अंग्रेजी शासन काल में राजा विश्वंभरनाथ शाही ने वर्ष 1930 में कीमती रत्न जड़ीत मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा इस ठाकुरबारी में करायी थी. परंतु, 90 के दशक में जब नक्सलियों का साम्राज्य प्रारंभ हुआ और राजा के सभी जमीन पर नाका लगा दिया गया, तब राज परिवार झारखंड के डालटेनगंज स्थित अपने महल में स्थापित हो गया था.
सारा ठाकुरबारी मंदिर ध्वस्त हो चुका था. आज नक्सली साम्राज्य के समाप्त होने पर अब ठाकुरबारी का जीर्णोद्धार करा लिया गया है. और अब गुरुवार को पुनः सभी मूर्तियों का प्राण प्रतिष्ठा की जायेगी. इसके लिए वाराणसी से कई कर्मकांडी विद्वान को आमंत्रित किया गया है.
