सदर अस्पताल में पानी का भरना बना नासूर, मरीजों, कर्मियों व डॉक्टरों को हो रही परेशानी

Updated at : 05 Mar 2019 7:41 AM (IST)
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सदर अस्पताल में पानी का भरना बना नासूर, मरीजों, कर्मियों व डॉक्टरों को हो रही परेशानी

सासाराम : सदर अस्पताल में जलजमाव की समस्या नासूर बन गयी है. जिसका समाधान न तो केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री निकाल पाये और न ही प्रशासनिक अधिकारी ही. जिसका खामयाजा मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों व आम जन को भुगतना पड़ रहा है. इस जल जमाव से सभी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ […]

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सासाराम : सदर अस्पताल में जलजमाव की समस्या नासूर बन गयी है. जिसका समाधान न तो केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री निकाल पाये और न ही प्रशासनिक अधिकारी ही. जिसका खामयाजा मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों व आम जन को भुगतना पड़ रहा है. इस जल जमाव से सभी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जलजमाव की स्थित ऐसी है कि ब्लड बैंक से लेकर ओपीडी के मुख्य गेट, एक्स-रे रूम, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी कार्यालय व जीएनएम स्कूल तक टकने भर पानी में आना जाना पड़ रहा है.
नाले का गंदा पानी सड़क पर फैलने से जहां एक तरफ रोगियों को कठिनाई हो रही है. वहीं, दूसरी तरफ जलजमाव से अन्य संक्रामक रोगों के खतरे भी बढ़ गये हैं. चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की माने तो जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग पर प्रशासन कोई नोटिस नहीं ले रहा है, जिस कारण सभी बेहाल हैं.
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यहीं नहीं महिला वार्ड व पुरूष वार्ड में जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. भर्ती मरीजों के परिजनों के उनके स्वास्थ्य की चिंता सताने लगी है. कई मरीजों के परिजन मच्छर बत्ती का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे कई मरीजों को परेशानी भी हो रही है.
लेकिन करें भी क्या? गौरतलब है कि विगत पांच माह पहले डीएम पंकज दीक्षित ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में फैली गंदगी को देख कर सीएस व अस्पताल प्रबंधक को अस्पताल व्यवस्था में अविलंब सुधार लाने का निर्देश दिया था. इसके अलावा नगर पर्षद के ईओ से टेंडर निकाल कर जल्द पूरे परिसर की सफाई कराने को कहा था.
साथ ही बुडको के अधिकारियों को 15 दिनों के अंदर सदर अस्पताल परिसर में वर्षों से जलजमाव की समस्या का स्थायी निदान करने का निर्देश दिया था. लेकिन पांच माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी अस्पताल के ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने की कवायद भी नहीं शुरू हो सकी है. स्थायी निदान तो छोड़िए अस्थायी निदान भी नहीं निकाला जा सका है. वहीं पंप द्वारा गंदा पानी निकाला जाता है. लेकिन मशीन पुरानी होने जाने के कारण उतनी निकासी नहीं हो पा रही है, जितनी होनी चाहिए.
क्या है परेशानी
सदर अस्पताल में जल जमाव के कई कारण हैं. इनमें सबसे बड़ी परेशानी नाले का ऊंचा व निकासी सही नहीं होना. सदर अस्पताल के नाले की निकासी ही सही नहीं है. सदर अस्पताल के पड़ोसी मोहल्ले चंवर तकिया में भी कोई नाली निकासी नहीं है. जिसके कारण दोनों जगहों का गंदा पानी सदर अस्पताल में लगातार बढ़ रहा है. जिसकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
अस्पताल प्रबंधन प्रयासरत
सदर अस्पताल से जल निकासी के लिए विगत वर्षों से मोटर पंप का सहारा लिया जा रहा है. इस पंप से ही प्रतिदिन लगातार जल निकासी की जाती है. बुडको द्वारा आगामी कार्य के संबंध में जानकारी नहीं दी गयी है. जब तक इसका स्थायी निदान नहीं हो जाता है समस्या बनी रहेगी. अस्पताल प्रबंधन इस समस्या को दूर करने के लिए प्रयासरत है.
सुनील जायसवाल, अस्पताल प्रबंधक
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