15 मई तक स्कूल-कॉलेज और मॉल बंद रखने की सिफारिश, कई राज्य लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में

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कोरोना संकट के मद्देनजर देश में 14 अप्रैल तक घोषित 21 दिन के लॉकडाउन खत्म होने में अब सात दिन शेष रह गये हैं. ऐसे में अटकलें हैं कि इसकी अविध बढ़ सकती है. इस बीच कोविड-19 पर केंद्रीय मंत्रियों के समूह ने 15 मई तक देशभर में सभी शैक्षिणक संस्थान (स्कूल/कॉलेज) को बंद रखने,शॉपिंग मॉल में सामान्य गितिविध शुरू नहीं करने और सभी तरह की सामूहिक धार्मिक गितिविधयों पर रोक लगाने की सिफारिश की है.

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नई दिल्ली. कोरोना संकट के मद्देनजर देश में 14 अप्रैल तक घोषित 21 दिन के लॉकडाउन खत्म होने में अब सात दिन शेष रह गये हैं. ऐसे में अटकलें हैं कि इसकी अविध बढ़ सकती है. इस बीच कोविड-19 पर केंद्रीय मंत्रियों के समूह ने 15 मई तक देशभर में सभी शैक्षिणक संस्थान (स्कूल/कॉलेज) को बंद रखने,शॉपिंग मॉल में सामान्य गितिविध शुरू नहीं करने और सभी तरह की सामूहिक धार्मिक गितिविधयों पर रोक लगाने की सिफारिश की है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले समूह ने का मानना है कि लॉकडाउन आगे बढ़े या नहीं बढ़े, पर एहितयातन इन जगहों पर 14 अप्रैल के बाद चार सप्ताह तक भीड़-भाड़ न हो. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बारे में अंतिम निर्णय लेंगे. दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए तेलंगाना के बाद राजस्थान, कनार्टक, केरल व मध्य प्रदेश सरकार ने भी लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिये हैं.

महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह 14 को हालात की समीक्षा के बाद निणर्य लेगी. फिलहाल केंद्र सरकार राज्यों के आग्रह पर विचार करने के साथ सभी पहलुओं पर गौर कर रही है. एक-दो दिन में फैसला होने की उम्मीद है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने अटकलों से बचने की सलाह देते हुए कहा कि लॉकडाउन को लेकर अभी केंद्र सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है. एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा था और आह्वान किया था कि वे थका हुआ और हारा हुआ महसूस नहीं करें. इन चर्चा ओं के बीच उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि अगले सात दिन लॉकडाउन से बाहर आने की योजना बनाने की दृष्टि से अहम है. लोगों से अपील की कि सरकार जो भी निर्णय ले, उसका पालन करें. यदि उसका तात्पर्य 14 अप्रैल के बाद भी कुछ हद तक कठिनाइयां जारी रहना हो, तो भी जनता को उसी जज्बे के साथ सहयोग करना चाहिए, जो अब तक नजर आया है. मेरे वि चार से अर्थव्यवस्था की चिंताएं एक और दिन इंतजार कर सकती है.

लॉकडाउन को लेकर चर्चाएं

01- लॉकडाउन कुछ पाबंदियों के साथ हटेगा

02- जो शहर हॉट स्पॉट नहीं है, वहां से हटेगा

03- चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन हटेगा

पॉबंदी हटाने पर राज्यों की राय

01- राजस्थान: सोच-समझकर निर्णय लेंगे

02- तेलंगना: लॉकडाउन हटा तो बढ़ेंगे मरीज

03- मध्यप्रदेश: जीवन बचाना ज्यादा जरूरी

04- कर्नाटक: अभी लॉकडाउन हटाना ठीक नहीं

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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