गोपालगंज में खरीफ महाभियान का शंखनाद; विधायक रामसेवक सिंह बोले- पारंपरिक खेती छोड़ बागवानी अपनाएं किसान

Edited by Vivek Pandey
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Gopalganj News: गोपालगंज के उचकागांव में खरीफ महाभियान सह कार्यशाला का शुभारंभ हुआ. विधायक रामसेवक सिंह ने किसानों को बागवानी अपनाने, आधुनिक खेती करने और यूरिया कालाबाजारी पर कार्रवाई की बात कही.

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Gopalganj News: (प्रशांत पाठक) गोपालगंज जिले के उचकागांव प्रखंड मुख्यालय स्थित शिव मंदिर परिसर में गुरुवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में ‘शारदीय खरीफ महाभियान सह कार्यशाला’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व मंत्री एवं हथुआ के जदयू विधायक रामसेवक सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कुमार प्रशांत तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) गौरव कुमार वरुण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.

बागवानी अपनाकर बढ़ाएं आमदनी : विधायक रामसेवक सिंह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामसेवक सिंह ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण किसानों की आय अपेक्षित स्तर तक नहीं बढ़ पा रही है. यदि किसान अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीकों और व्यावसायिक खेती को अपनाना होगा.

उन्होंने किसानों से सरकार की बागवानी मिशन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए केला, पपीता, आम सहित अन्य फलदार फसलों की खेती करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि बागवानी से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है.

बीज वितरण में देरी और यूरिया की कालाबाजारी पर जताई नाराजगी

विधायक ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण किसानों को समय पर बीज और यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत किसान पहले ही धान की नर्सरी तैयार कर चुके हैं, लेकिन समय पर बीज उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस संबंध में तत्काल प्रदेश मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि आगामी रबी मौसम में किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराया जा सके.

इसके साथ ही विधायक ने क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी और दुकानदारों द्वारा किसानों को जबरन अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किए जाने (टैगिंग) पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को दोषी स्टॉकिस्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को जिला बीस सूत्री समिति की बैठक में भी उठाया गया है.

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किसानों को आधुनिक खेती की दी गई जानकारी

कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी. किसानों को मिट्टी की जांच, खेत की उर्वरा शक्ति बनाए रखने, बुवाई से पहले बीज उपचार की विधि, मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि में नई तकनीकों के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया.

एकीकृत खेती से अतिरिक्त आय का दिया गया संदेश

विशेषज्ञों ने किसानों को कृषि के साथ पशुपालन, बागवानी और अन्य सहायक गतिविधियों को अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने के तरीके भी बताए. उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती भविष्य की आवश्यकता है और इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम का संचालन लेखपाल चंदन दुबे ने किया. कार्यशाला में बीपीआरओ आलोक कुमार, बीएसएस अमरनाथ प्रसाद, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार, प्रखंड समन्वयक ज्योतिष मिश्रा, अरविंद कुशवाहा, राजदेव राय, कृष्ण कुमार चौबे, मुखिया प्रमोद गुप्ता, प्रमोद सिंह, मोहम्मद असलम सहित कई जनप्रतिनिधि, कृषि पदाधिकारी और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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