ePaper

महज सांसारिक सुख नहीं, आत्मिक उन्नति व मोक्ष की प्राप्ति है मानव जीवन का उद्देश्य

Updated at : 23 Feb 2026 8:47 PM (IST)
विज्ञापन
महज सांसारिक सुख नहीं, आत्मिक उन्नति व मोक्ष की प्राप्ति है मानव जीवन का उद्देश्य

सिकलीगढ़ धरहरा में आयोजित सत्संग महाधिवेशन में उमड़ती रही भीड़

विज्ञापन

सत्संग में स्वामी राममूर्ति जी महाराज ने मानव जीवन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला

अध्यात्म व भक्ति के माहौल में हुआ तीन दिवसीय सत्संग महाधिवेशन का समापन

बनमनखी के संतमत सत्संग महाधिवेशन में शामिल हुए पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव

बनमनखी. अनुमंडल के सिकलीगढ़ धरहरा में अखिल भारतीय संतमत सत्संग की ओर से आयोजित 114वां तीन दिवसीय वार्षिक संतमत सत्संग महाधिवेशन का समापन भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हो गया. तीसरे और अंतिम दिन लगभग छह लाख संतमत सत्संग प्रेमियों की भागीदारी से पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा. समापन के मौके पर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी शामिल हुए. उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से आए श्रद्धालुओं का वंदन-अभिनंदन किया. संत शिरोमणि महर्षि मेंही परमहंस की पितृस्थली सिकलीगढ़ धरहरा में आयोजित सत्संग महाधिवेशन में उमड़ी विशाल भीड़ से पूरा क्षेत्र भक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से सराबोर रहा. महाधिवेशन में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, विद्वान, समाजसेवी और श्रद्धालु उपस्थित थे. आयोजन स्थल पर भजन-कीर्तन, प्रवचन और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की शृंखला ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाये रखा.

संतमत सत्संग महाधिवेशन का यह आयोजन संत शिरोमणि महर्षि मेंही परमहंस की पितृस्थली सिकलीगढ़ धरहरा में किया गया. इसका संचालन आचार्य महर्षि हरिनंदन परमहंस जी महाराज के संरक्षण एवं निर्देशन में हुआ. पूज्य अनमोल बाबा और देवनारायण बाबा के प्रवचनों को सुनने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे. मोक्ष और जीवन के उद्देश्य पर प्रवचन सत्संग के दौरान स्वामी राममूर्ति जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल सांसारिक सुख नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की प्राप्ति है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे विद्यालय में बच्चों से प्रिय चित्र बनाने को कहा गया, लेकिन एक छात्र ने छुट्टी को अपना प्रिय बताया, वैसे ही जीवन में सच्ची मुक्ति ही सबसे प्रिय होती है. उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति चाहता है और इसके लिए प्रभु भक्ति, ज्ञान और साधना आवश्यक है. महापुरुषों ने ज्ञान को चार भागों क्रमश: समर्पण, मनन, निदिध्यासन और अनुभव में विभाजित किया है, जबकि योग के आठ अंग बताये गये हैं. जीवन में इन शिक्षाओं को अपनाने से ही सच्चा कल्याण संभव है. तीन दिनों तक चले इस महाधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सत्संग, प्रवचन तथा भजन-कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया. कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति की भी सराहना की गयी.

समाज का मार्गदर्शन करता है संतों का सानिध्य : पप्पू यादव

जानकीनगर. सत्संग महाधिवेशन में पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने संतमत की महत्ता, सामाजिक सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर विस्तार से अपने विचार साझा किये. उन्होंने कहा कि संतमत की शिक्षा हमें प्रेम, करुणा, सेवा और आपसी भाईचारे का संदेश देती है, जो आज के समय में समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ लोगों के बीच एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं. उन्होंने कहा कि संतों और मनीषियों का सानिध्य समाज के लिए मार्गदर्शन का कार्य करता है और उनके आशीर्वाद से ही जीवन में सही दिशा मिलती है. सांसद ने विद्वान संतों और वरिष्ठ गुरुओं से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. आयोजकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इतने सुव्यवस्थित, अनुशासित और भव्य आयोजन के लिए पूरी आयोजन समिति बधाई की पात्र है. कहा कि उन्होंने हमेशा साधु-संतों के सम्मान और सुरक्षा के लिए आवाज उठायी है. जब शंकराचार्य पर हमला हुआ था, तब हमने उसके खिलाफ भी आवाज उठायी थी. हम हमेशा साधु-संतों के सानिध्य की अपेक्षा रखते हैं और उनके मार्गदर्शन को समाज के लिए आवश्यक मानते हैं. उन्होंने कहा कि जनता की खुशियों के लिए जीना ही उनका संकल्प है.

प्रेम, करुणा, सेवा और भाईचारा अपनाएं

आयोजकों को प्रणाम करते हुए सांसद ने कहा कि ‘ मेरी हर कोशिश रहती है कि जनता के जीवन में कोई परेशानी न रहे. ईश्वर की असीम कृपा और संतों का आशीर्वाद ही मुझे सेवा के लिए प्रेरित करता है.’ उन्होंने कहा कि ईश्वर के संदेश को अपने जीवन का मार्ग बनाया है और हमेशा मानव सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म मानते हैं. श्रद्धालुओं से उन्होंने अपील की कि वे संतमत के सिद्धांतों, प्रेम, करुणा, सेवा और भाईचारे को अपने जीवन में अपनाएं. सांसद ने कहा कि संतमत की शिक्षा समाज को एकता, शांति और सद्भाव की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य करती है और यही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है.

माैके पर थे मौजूद

मौके पर सांसद प्रवक्ता राजेश यादव, गोपाल सिंह, वैश खान, राकेश यादव, नटवर झा, आलोक अकेला, निशू सिंह, मनोज यादव, मो जहांगीर, हरिष चौधरी, चांदपुर भंगहा पैक्स अध्यक्ष आलोक कुमार अकेला, पप्पू सरपंच, दीपक यादव, गोपाल सिंह, गौरव आनंद, विक्रम राज, खगेश यादव, राकेश यादव, निशांत सिंह निशु, सुमित यादव, पूर्व मुखिया सूर्य नारायण यादव, हरीश चौधरी, डाॅ सुनील कुमार, नीतीश कुमार उर्फ लाट साहब, सांसद प्रतिनिधि रणजीत कुमार उर्फ चुन्ना यादव, प्रवीण यादव, बिनोद राय, हीरालाल शर्मा सहित लाखों लोग मौजूद थे.

विज्ञापन
AKHILESH CHANDRA

लेखक के बारे में

By AKHILESH CHANDRA

AKHILESH CHANDRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन