बदलते मौसम से सर्दी खांसी, वायरल फीवर व डायरिया का बढ़ा असर

Edited by SATYENDRA SINHA
Updated:
विज्ञापन

हीटवेब को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

विज्ञापन

हीटवेब को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पूर्णिया.

अप्रैल माह की शुरुआत में गर्मी के बाद चक्रवात के असर से हुई बारिश और छायी बदली ने लोगों को कुछ दिनों तक ठंडक तो जरूर पहुंचाई, लेकिन एक बार फिर मौसम का मिजाज गर्म होने लगा है. दूसरी ओर न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान के बीच के बड़े अंतर ने लोगों के समक्ष कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा दी हैं. इस वजह से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गयी है. हर रोज बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज करवाने यहां पहुंच रहे हैं. इनमें खास तौर पर सर्दी, खांसी, वायरल फीवर के अलावा डायरिया के भी मरीज शामिल हैं. इनके अलावा गर्मी और तेज धूप की वजह से लोग लू व हीटवेव के शिकार भी हो रहे हैं. जीएमसीएच के अलावा लगभग सभी जिला अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही हाल है. राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि इन दिनों लगातार सर्दी, खांसी, बुखार के साथ साथ उल्टी और दस्त के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. यहां इलाज के लिए आनेवाले कुल मरीजों के लगभग 60 प्रतिशत में यही सारी परेशानियां हैं. वहीं बदले मौसम के दायरे में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोग ज्यादा शामिल हैं. पीडिया विभाग के एचओडी डॉ प्रेम प्रकाश ने बताया कि छोटे बच्चों में सर्दी-खांसी, बुखार के अलावा डायरिया के भी मामले आ रहे हैं, जिनका सही उपचार किया जा रहा है. वहीं हर दिन लगभग 20 से 30 की संख्या में इन समस्याओं को लेकर अभिभावक जीएमसीएच पहुंच रहे हैं. दूसरी ओर आनेवाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी के मद्देनजर लू तथा हीटवेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अप्रैल माह के शुरू होते ही सभी अस्पतालों सहित मेडिकल कॉलेज व स्वास्थ्य केद्रों पर हीटवेव के शिकार मरीजों को शीघ्र राहत पहुंचाने और उनकी सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. इसमें सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सभी अनुमंडलीय अस्पतालों में डेडिकेटेड कमरे हीटवेव यानि लू के शिकार मरीजों के लिए तमाम तैयारियों के साथ सुरक्षित रखने को कहा गया था, ताकि पीड़ित के लिए राहत के साथ साथ त्वरित गति से उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित हो और मरीज शीघ्र अपनी पूर्व जैसी सामान्य स्थिति में आ सके. ———-

चिकित्सक की सलाह

कोशिश करें कि तेज धूप में घर से बाहर न निकलें. जरूरी होने पर छाता रखने के साथ-साथ पूरे शरीर को ढक कर रखें.हलके और ढीले-ढाले सूती कपडे ही पहनें. ध्यान रहे पेट खाली न हो.

समय-समय पर थोड़ा थोड़ा पानी पीते रहें.

धूप से आकर तुरंत ठंडे पानी या अन्य पेय पदार्थ का सेवन न करें.

हीटवेव के शिकार होने पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें.

बोले सिविल सर्जन

तेज धूप, गर्म हवा, लू से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पहले से ही सुनिश्चित कर ली गयी है. इसी के तहत सभी अस्पतालों में अलग से वार्ड तैयार करने को कहा गया है. सभी पीएचसी के लिए भी गाइडलाइन है कि एसी कमरे, कूलर सहित कम से कम दो बेड आवश्यक रूप से तैयार रखे जायें. इसके लिए सभी प्रभारी को दिशा निर्देश दे दिया गया है और आवश्यक दवा, ओआरएस आदि उपलब्ध करा दी गयी है.

डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया, सिविल सर्जनफोटो -24 पूर्णिया 4-जीएमसीएच ओपीडी में उपचार के लिए मौजूद मरीज.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SATYENDRA SINHA

लेखक के बारे में

By SATYENDRA SINHA

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन