ePaper

मौसम का बदला मिजाज, तो बढ़ी स्वास्थ्य समस्याएं, बच्चों में सर्दी, खांसी व बुखार की शिकायत

Updated at : 03 Nov 2025 7:28 PM (IST)
विज्ञापन
मौसम का बदला मिजाज, तो बढ़ी स्वास्थ्य समस्याएं, बच्चों में सर्दी, खांसी व बुखार की शिकायत

जिले में बीते दिनों मोंथा चक्रवात की वजह से लगातार हुई बारिश और तापमान के उतार-चढ़ाव से लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका खासा असर देखा जा रहा है.

विज्ञापन

पूर्णिया. जिले में बीते दिनों मोंथा चक्रवात की वजह से लगातार हुई बारिश और तापमान के उतार-चढ़ाव से लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका खासा असर देखा जा रहा है. महापर्व छठ की समाप्ति के बाद से ही इस चक्रवात ने पूरे इलाके में बरसात का मौसम बना दिया था रूक-रुक कर होने वाली बारिश से उत्पन्न हवा में ठंडक और इस बदले मौसम के मिजाज से बच्चों में सर्दी, खांसी, कफ और बुखार की शिकायत बढ़ गयी है. इस मौसम की चपेट में केवल छोटे बच्चे ही नहीं, बल्कि बड़े बुजुर्ग भी आ रहे हैं. उनमें भी वायरल फीवर और कफ व खांसी की शिकायत बढ़ गयी है.

दमा और न्यूमोनिया के मरीजों को इस मौसम में सतर्क रहने की जरूरत

चिकित्सकों का कहना है कि अक्टूबर माह के आखिर से ही तापमान में गिरावट होनी शुरू हो गयी थी जहां दिन में धूप की गर्मी और सुबह में हल्की ठंड का एहसास होने लगा था, वहीं चक्रवात में हुई बारिश ने तापमान में अचानक और कमी ला दी है. जिस वजह से सभी को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है. मौसम के इस बदलाव का लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है. चिकित्सकों की माने तो इन दिनों अस्पताल में सभी उम्र वर्ग के बच्चों में सर्दी खांसी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. सरकारी व निजी अस्पताल व नर्सिंग होम में इन दिनों सर्दी, खांसी, कफ के साथ फीवर के केस सामने आ रहे हैं. चिकित्सकों ने दमा मरीज के अलावा वैसे बच्चे, जो शारीरिक दृष्टि से स्वास्थ्य के मामले में थोड़े कमजोर हैं और जिन्हें अक्सर सर्दियों में न्यूमोनिया की शिकायत हो जाती है, उन सभी को सावधान रहने को कहा है. रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए पौष्टिक और ताजे भोजन पर ध्यान दिया जाना बेहद जरुरी है. इसके अलावा विटामिन डी और सी युक्त पदार्थ जैसे नींबू और आंवले का सेवन सर्दी में जरूर करना चाहिए.

बचाव को ले चिकित्सक की सलाह

बच्चे एवं बुजुर्गों का ठंडे पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए ज्यादा तैलीय खाद्य पदार्थों से परहेज करें रात्रि के समय पंखे, कूलर या एसी के प्रयोग से बचने का प्रयास करेंनवजात शिशुओं को अधिक से अधिक स्तनपान कराएं बच्चों को पानी उबालकर या फिल्टर का पानी देना चाहिएछोटे बच्चे के गीले कपड़े समय-समय पर बदलते रहें

बच्चों में सर्दी, खांसी और बुखार के मामले इन दिनों ज्यादातर आ रहे हैं. फिलहाल ओरल सिम्ट्मेटिक दवा से बच्चों में सुधार हो जा रहे हैं. किन्हीं को बच्चों में विशेष परेशानी है तो वे शीघ्र किसी चिकित्सक से सलाह लें अथवा जीएमसीएच में भर्ती करायें. यह सब बदलते मौसम का असर कहा जा सकता है. किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर भी बच्चे का स्वास्थ्य प्रभावित होता है. इसलिए उन्हें ठंड से बचाते हुए गर्म और ताजा भोजन देने की जरूरत है. इसके अलावा रूटीन के अनुसार उनका वैक्सीनेशन भी जरूरी है.

डॉ प्रेम प्रकाश, पीडियट्रिशियन, जीएमसीएच B

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SATYENDRA SINHA

लेखक के बारे में

By SATYENDRA SINHA

SATYENDRA SINHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन