जिले में बगैर निबंधन हो रहे कई नशा मुक्ति केंद्रों का संचालन

नशामुक्त बिहार
पूर्णिया. नशामुक्त बिहार की परिकल्पना के तहत पूरे सूबे में भले ही शराब बंदी हो लेकिन नशाखोरों और इसके आदी हो चुके लोगों की समाज में आज भी कोई कमी नहीं है. यह जानते हुए भी कि किसी भी प्रकार का नशा एक इंसान से लेकर घर परिवार और समाज को बुरी तरह प्रभावित करता है इसके बावजूद आज भी ऐसे लोगों की तायदात इतनी ज्यादा है कि नशे की लत वाले लोगों को नशा मुक्ति केंद्र में रखना उनके परिवार वालों के लिए मजबूरी बनी हुई है. मगर, विडंबना है कि सरकार के स्तर से नशा मुक्ति केंद्र का अभाव है और निजी तौर पर जो चल रहे है उसके कोई मापदंड नहीं हैं.
सरकारी स्तर पर एक भी नशा मुक्ति केंद्र नहीं
विभिन्न प्रकार के नशे की गिरफ्त में फंसे व्यक्ति के लिए सरकारी स्तर पर नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्था नहीं होने की वजह से निजी नशा मुक्ति केंद्रों की जिले में भरमार हो गयी है. एक अनुमान से लगभग दर्जन भर से भी ज्यादा ऐसे निजी तौर पर नशा मुक्ति केंद्र जिले में खुल गये हैं जहां पीड़ित व्यक्ति को कुछ महीनों के लिए रखा जाता है और जिसके एवज में परिवार वाले उक्त संस्थान को मासिक मोटी रकम का भुगतान करते हैं.संचालन के लिए विभाग को है निर्देश
नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन के लिए भी सरकार द्वारा पूर्व से ही स्वास्थ्य विभाग को दिशा निर्देश प्राप्त है. इसके अनुसार सरकारी तौर पर इनका निबंधन कराना आवश्यक बताया गया है. इसके अलावा भी शर्तों के मुताबिक आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बात निर्धारित की गयी है और संबंधित अन्य विभागों से भी प्रमाण पत्र को संलग्न करना पड़ता है जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशा मुक्ति केंद्र संचालन की अनुज्ञप्ति जारी की जाती है.विभाग को भी पता नहीं केंद्रों की संख्या
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय सहित लाईनबाजार, खुश्कीबाग़, गुलाबबाग, मरंगा आदि स्थानों पर निजी तौर पर नशा मुक्ति केंद्र का संचालन किया जा रहा है. कुछ स्थानों पर एक ही कमरे में दो और दो से भी ज्यादा लोगों को एक साथ रखे जाने की भी बात सामने आई है. वहीं विभागीय कर्मी कुछ लोगों के द्वारा अनुज्ञप्ति हासिल कर विधिवत नशा मुक्ति केन्द्रों के चलाए जाने की बात बताते हैं जबकि जिले में चलने वाले नशा मुक्ति केन्द्रों की वास्तविक संख्या की जानकारी खुद स्वास्थ्य विभाग के पास भी उपलब्ध नहीं है.———————–
अनुज्ञप्ति के लिए आवश्यक शर्तें
प्रदूषण प्रमाणपत्रबायो मेनेजमेंट प्रमाण पत्रअग्निशमन प्रमाणपत्र
ट्रेड लाइसेंसनगर निगम की रशीद
चिकित्सक एमबीबीएस, एमडी, एमएस की डिग्री स्व अभिप्रमाणितफ़ूड सेफ्टी से संबंधित प्रमाणपत्र
भवन के लिए एग्रीमेंट पेपरअन्य जरुरी डाक्यूमेंट्स व शुल्क निर्धारित .
————————-बोले सिविल सर्जन
निजी तौर पर नशामुक्ति केंद्रों के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग से उनका निबंधन कराना जरूरी है. साथ ही विभाग द्वारा प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर ही उन्हें अनुज्ञप्ति दी जानी है. फिलहाल इस दिशा में आवेदन लिए जा रहे हैं. शिकायत मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.
डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, सिविल सर्जनडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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