बचपन में पड़ जाती है गैरसंचारिक बीमारी की नींव, युवा होने पर दिखता है असर

Published at :01 Sep 2024 6:43 PM (IST)
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बचपन में पड़ जाती है  गैरसंचारिक बीमारी की नींव, युवा होने पर दिखता है असर

बचपन में पड़ जाती है गैरसंचारिक बीमारी की नींव

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विद्या विहार में बच्चों को किया गया जागरूक

पूर्णिया. एपीआई चली स्कूल की ओर कार्यक्रम के तहत एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) की पूर्णिया चेप्टर के बैनर तले परोरा स्थित विद्या विहार स्कूल में बच्चों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया. इसके तहत बच्चो को उसके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते एपीआई पूर्णिया चेप्टर के अध्यक्ष डाॅ आर के मोदी ने कहा कि असंतुलित भोजन, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ, खेल और व्यायाम के प्रति कम रूचि, मादक पदार्थों का सेवन, ये चार ऐसे कारण है जो गैर संचारी बीमारियों के मुख्य कारण हैं. इन बीमारियों से तभी छुटकारा मिल सकता है जब हम इसके प्रति जागरूक रहें. उन्होंने कहा कि इसके लिए किशोर, युवा एवं उसके अभिभावक के अलावा उनके शिक्षकों को जागरूक रहना जरूरी है. डाॅ मोदी ने कहा कि इसी के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान प्रत्येक माह एक विद्यालय (सरकारी व प्राइवेट) को चिन्हित कर चलाये जाने का लक्ष्य रखा गया है. एपीआई के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डा. देवी राम ने कहा कि कार्यक्रम के तहत बच्चों के अभिभावको का डाटाबेस तैयार करना होगा. उसी आधार पर सभी को जागरुक किया जाएगा. उन्होने कहा कि पहले डायबिटीज व ब्लडप्रेशर की बीमारी 50-60 वर्ष के बाद होती थी किन्तु अब उसका उम्र घट कर 20-30 वर्ष हो गया है जो चिंता का विषय है. डा.राम ने कहा कि विश्व मे सबसे ज्यादा मौत 83% गैरसंचारिक बीमारी से होती है. डायबिटिज, हृदय घात ,मोटापा दम्मा, एवं कैसंर ही मुख्य रूप से गैरसंचारिक बीमारी हैं. इनके होने का रिस्क फैक्टर किशोरावस्था से ही किशोर को ग्रसित कर लेते हैं और उसका असर युवा होने पर दिखने लगता है और बाद में मृत्यु का कारण बन जाता है.असंतुलित भोजन, कम शरीरिक श्रम ,मोटापा, तम्बाकू का सेवन (गुटका,सिगरेट, खैनी) और शराब सबसे ज्यादा रिस्क फैक्टर है. डाॅ यू बी सिंह ने बच्चों को ध्रुमपान (बीड़ी ,सिगरेट, कुटखा ) से होने वाली बीमारी के बारे में बताया. उन्होने घर व मुहल्ले में हाथों में तख्ती लेकर लोगो को जागरूक करने की अपील की.डा. ए के पाठक ने बताया कि सर्वाइकल कैन्सर व हैपेटाइटिस की टीका बहुत ही आवश्यक है. एपीआई के सचिव डा. निशिकांत ने बताया कि विटामिन डी के कारण भी कई बीमारियां जन्म लेती हैं. इस लिए सभी को विटामिन डी का उपयोग जरूर करना चाहिए. उन्होने बताया कि सुबह आधे घंटे करीब दो घंटे धूप सेकना चाहिए.डा. इम्तियाज भारती ने कहा कि प्रोटीन शरीर के विकास एवं शारीर के निरोध क्षमता को मजबूत करता है. मादक पदार्थ हमारे आयु को घटा देती है और गैरसंचारिक बीमारी को बुलावा देती है. इससे पहले सभी छात्र-छात्राओ को गैरसंचारिक बीमारियो से संबंधित प्रश्नावली भी दी गयी. कार्यक्रम में सभी प्रश्नों पर चर्चा की गयी. इस मौके पर विद्या विहार स्कूल के निदेशक आर के पॉ, प्राचार्य निखिल रंजन आदि मौजूद थे. फोटो. 1 पूर्णिया 4- कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर एवं अन्य

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