देव दीपावली: 21000 दीपों से जगमग हो उठा पूर्णिया का सौरा नदी तट
Updated at : 13 Nov 2019 6:26 AM (IST)
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पूर्णिया : पूर्णिया सिटी में सौरा नदी तट दीपों की असंख्य श्रृंखला से जगमगा उठा. जगमग दीपों की लंबी कतार और उनसे निकल रही रोशनी से ने ऐसा विहंगम दृश्य दिखा मानो स्वर्ग में बैठे देवता सौरा तट के अनुपम सौंदर्य को देख नीचे उतर आये और इंसानों के साथ मिलकर देव दीपावली मनायी. मंगलवार […]
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पूर्णिया : पूर्णिया सिटी में सौरा नदी तट दीपों की असंख्य श्रृंखला से जगमगा उठा. जगमग दीपों की लंबी कतार और उनसे निकल रही रोशनी से ने ऐसा विहंगम दृश्य दिखा मानो स्वर्ग में बैठे देवता सौरा तट के अनुपम सौंदर्य को देख नीचे उतर आये और इंसानों के साथ मिलकर देव दीपावली मनायी.
मंगलवार की शाम सिटी में सौरा नदी घाट पर कुछ ऐसा ही नजारा दिखा. देव दीपावली के अवसर सौरा घाट का कोना कोना असंख्य दीपों की रोशनी से नहीं उठा था जिससे देव दीपावली की निराली छटा दिखाई दे रही थी.
दीपोत्सव को देखने के लिए न केवल शहर और आस पास बल्कि दूर-दराज के लोग भी बड़ी संख्या में पूर्णिया सिटी पहुंचे थे जिससे पूर्णिया सिटी में गहमा-गहमी बनी रही. श्री राम सेवा संघ की लगातार पहल पर आयोजित होने वाला देव दीपावली महोत्सव अब पूर्णिया की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है.
दरअसल, पूर्णिया सिटी स्थित सौरा नदी के काली मंदिर घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मंगलवार की शाम श्रीराम सेवा संघ की ओर से देव दीपावली महोत्सव का आयोजन होगा किया गया. इस दौरान सौरा घाट को 21 हजार दीपों से सजाया गया और बनारस के पुरोहितों द्वारा सौरा की भव्य आरती की गयी. देव दीपवाली में शामिल होकर हजारों लोग इस महोत्सव के साक्षी बने. कहते हैं, कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है
इसलिए बनारस से लाये गये गंगा जल से प्रवेश मार्ग पर मशीन के माध्यम से श्रद्धालुओं पर छिड़काव किया गया. कार्तिक पूर्णिमा के दिन नदी में दीप प्रवाहित करना शुभ माना जाता है. इस दृष्टि से श्रद्धालुओं ने सौरा नदी में दीप जला कर प्रवाहित किया? आयोजकों की ओर से इसके लिए बेहतर व्यवस्था की गयी थी.
देव दीपावली को लेकर श्री राम सेवा संघ की ओर से मंगलवार को सौरा नदी के तट पर स्थित काली मंदिर और यहां के घाट को बेहतर तरीके से सजाया गया था. घाट के पहुंच पथ से लेकर कार्यक्रम स्थल सहित नदी के चारों ओर रोशनी की बेहतर व्यवस्था की गयी और चारों तरफ की सजावट पुष्प एवं बिजली के रंगीन बल्बों से की गयी जिससे नदी और मंदिर तक का दृश्य विहंगम हो उठा.
उधर, सुरक्षा की दृष्टि से नदी के किनारे चारों और मजबूत बांस के सहारे बैरिकेडिंग भी की गयी. देव दीपावली के दीदार के लिए उमड़ी भीड़ और इसमें शामिल लोगों के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था की गयी थी. भीड़ पर नियंत्रण और उनकी व्यवस्था में पुलिस के जवानों के साथ श्री राम सेवा संघ के स्वयंसेवक भी जुटे हुए थे.
इस मौके पर सदर विधायक विजय खेमका, डा. एस के वर्मा, अमृत चौरसिया, जयकिशुन साह, सत्यम श्रेीवास्वव, सचिन कुमार आदि मौजूद थे. इस आयोजन की व्यवस्था में राणा प्रताप सिंह, आतिश सनातनी, राहुल राज, सूरज आर्या, मनीष राज, अंकित सिंह, राम शर्मा, अमित चौधरी, मनीष बाबा, नीरज गुप्ता, कुंदन, रोहित सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुटे रहे.
दीपोत्सव को देखने के लिए
पूर्णिया में शहर और गांव के
लोगों की जुटी भीड़
श्रीराम सेवा संघ की पहल से
पूर्णिया की सांस्कृतिक पहचान
बना दीपोत्सव
समाजसेवी हुए सम्मानित
एक दर्जन से अधिक समाजसेवियों को सम्मानित किया गया. पहलीबार आतिशबाजी भी की गयी. एसडीआरएफ की टीम और सदर पुलिस सुरक्षा में लगी हुई थी. श्रद्धालुओं पर बनारस से लाये गये गंगा जल से वर्षा की गयी.
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