बिजली नहीं पहुंची, केरोसिन बंटना भी बंद बीवीगंज में अब मोमबत्ती से हो रही रोशनी

Updated at : 09 Aug 2018 6:26 AM (IST)
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बिजली नहीं पहुंची, केरोसिन बंटना भी बंद बीवीगंज में अब मोमबत्ती से हो रही रोशनी

केरोसिन का आवंटन बंद है और तमाम प्रयासों के बाद बिजली पहुंची नहीं निगम के वार्ड नंबर 31 के बीवीगंज मोहल्ले में रहने वालों को नहीं है चैन पूर्णिया : शहरी क्षेत्र में केरोसिन तेल का आवंटन बंद होने से गरीबों की परेशानी बढ़ी हुई है. लोगों को मोमबत्ती की रोशनी में रात गुजारना पड़ […]

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केरोसिन का आवंटन बंद है और तमाम प्रयासों के बाद बिजली पहुंची नहीं

निगम के वार्ड नंबर 31 के बीवीगंज मोहल्ले में रहने वालों को नहीं है चैन
पूर्णिया : शहरी क्षेत्र में केरोसिन तेल का आवंटन बंद होने से गरीबों की परेशानी बढ़ी हुई है. लोगों को मोमबत्ती की रोशनी में रात गुजारना पड़ रहा है. नगर निगम क्षेत्र में एक ऐसा भी इलाका है जहां के लोग बिजली से वंचित हैं. इस इलाके के लोग अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं. यह इलाका वार्ड नंबर 31 का बीवीगंज है. आलम यह है कि ग्यारह हजार बिजली तार उसी इलाके से होकर गुजरा है और बीवीगंज शुरू होते ही ट्रांसफाॅर्मर भी है. उसके बावजूद बीवीगंज के लोग बिजली से वंचित हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि बिजली पोल की सुविधा हो जाती तो लोगों के घर में भी बिजली की रोशनी से जगमग होता. कुछ लोग बहुत दूरी से तार खींच कर खुद से घर में बल्ब जला रहे हैं. शहरी क्षेत्र के निवासी होने के कारण केरोसिन से वंचित हो गये हैं.
इस इलाके के निवासियों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गयी है कि केरोसिन तेल के अभाव में घरों में काम कैसे चलाएं. कुछ माह पूर्व वार्ड पार्षद विजय उरांव ने खूब प्रयास किये पर इसके बावजूद अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है. पार्षद ने कुछ महीने पूर्व बिजली विभाग से करीब सत्तर बिजली पोल की मांग की थी. लेकिन आज तक पोल नहीं गिराये गये. केरोसिन तेल बंद होने के कारण इस इलाके के लोग मोमबत्ती या टॉर्च की रोशनी में रात बिताने को विवश हैं.
बिजली नहीं रहने से एक समस्या नहीं बल्कि कई समस्याओं को जन्म ले लिया है. पिछले वर्ष से मिट्टी तेल डीलर द्वारा नहीं दिया जा रहा है. दिन भर तो किसी तरह समय गुजर जाता है लेकिन शाम ढलते ही जीना मुश्किल हो जाता है. घर के चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा छाया रहता है. मोमबत्ती की रोशनी में खाना पकाना पड़ता है. कभी सब्जी जल जाती है तो कभी रोटी जल जाती है.
करिश्मा देवी, स्थानीय निवासी
यह समस्या आज से नहीं बल्कि जन्म से पहले से है. मोहल्ले के पास ही खेरूगंज एरिया में बिजली है लेकिन बीवीगंज में नहीं है. बिजली नहीं रहने से रात बिताना मुश्किल हो गया है. टाॅर्च की रोशनी ही रात का साथी बना हुआ है. वार्ड पार्षद के प्रयास के बावजूद अब तक बिजली पोल नहीं लग सका है. सिर्फ बिजली पोल की वजह से यह समस्या बनी हुई है.
दिनेश उरांव, स्थानीय निवासी
बिजली नहीं रहने से हम सबका बाल बच्चा पढ़ाई नहीं कर पा रहा है. इससे यहां के जनप्रतिनिधियों व बिजली विभाग को कोई मतलब नहीं है. रात कैसे गुजारते हैं यह एहसास बिजली विभाग कब समझेगा पता नहीं. बिजली नहीं रहने यह एरिया का स्थिति खराब है. बारिश का समय है. सांप-कीड़े आंगन में आ जाते हैं. इससे कभी भी बड़ी घटना होने का भय रहता है.
जनका उरांव, स्थानीय निवासी
आदिवासी क्षेत्र होने के नाते बहुत पहले ही हर घर में बल्ब की रोशनी से जगमग हो जाना था. लेकिन नगर निगम क्षेत्र होने के बाद भी हर घर बिजली नहीं पहुंच सकी है. कुछ महीने पूर्व ही वार्ड पार्षद विजय उरांव बिजली विभाग से करीब सत्तर बिजली पोल मांगा था. पार्षद के प्रयास के बाद भी बिजली न पोल गिरा न बिजली मिली.
भिखारी उरांव, खेरूगंज
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