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बिहार में बेरोजगारी होगी खत्म, यहां करेंगे आवेदन तो सरकार देगी 2 लाख की मदद

Updated at : 04 Feb 2025 10:57 PM (IST)
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employment generation in India

रोजगार सृजन के लिए सीआईसीआई ने सरकार को सुझाव दिए.

Yojana: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस पहल का मकसद बिहार को एक "रोजगार देने वाला राज्य" बनाना है, ना कि रोजगार मांगने वाला. इस योजना से न सिर्फ गरीब परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि वे दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे.

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Yojana: पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में बेरोजगारी खत्म करने क लिए सतत प्रयास कर रहे हैं. बिहार सरकार ने इसके लिए एक नयी योजना लागू की है. इस योजना के तहत युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिये जायेंगे. “बिहार लघु उद्यमी योजना” के तहत बिहार सरकार युवाओं को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता देगी. इससे युवाओं को स्वरोजगार का मौका मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे.

बिहार में 94 लाख परिवार आर्थिक रूप से कमजोर

बिहार सरकार ने जाति और आर्थिक गणना के आधार पर पाया कि बिहार में करीब 94 लाख परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जिन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है. इन परिवारों को मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना के तहत सहायता दी जाएगी, ताकि वे खुद का छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू कर सकें. सरकार ने इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 250 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1000 करोड़ रुपये का बजट तय किया है.

इनको मिलेगा इस योजना का लाभ

एससी, एसटी, अति पिछड़ा वर्ग, महिलाएं, युवा और अल्पसंख्यक इस योजना के पात्र होंगे. जो लोग पहले से मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का लाभ ले चुके हैं, वे इस योजना में आवेदन नहीं कर सकते. योजना के तहत 2 लाख रुपये की सहायता तीन किस्तों में दी जाएगी. प्रत्येक किस्त का पूरा उपयोग होने के बाद ही अगली किस्त जारी की जाएगी.

पहली किस्त: 25% राशि (टूलकिट खरीदने के लिए)
दूसरी किस्त: 50% राशि
तीसरी किस्त: शेष 25% राशि

योजना की निगरानी और प्रशिक्षण

योजना के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर अनुश्रवण समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता जिला अधिकारी करेंगे. लाभार्थियों को परियोजना प्रबंधन एजेंसी (PMA) द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने व्यवसाय को सही तरीके से चला सकें. योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए प्रति इकाई 5% अतिरिक्त व्यय किया जाएगा.

बिहार को बनाएंगे आत्मनिर्भर और समृद्ध

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस पहल का मकसद बिहार को एक “रोजगार देने वाला राज्य” बनाना है, ना कि रोजगार मांगने वाला. इस योजना से न सिर्फ गरीब परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि वे दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपना व्यवसाय शुरू करें, जिससे बिहार का आर्थिक विकास हो और बेरोजगारी की समस्या कम हो. बिहार लघु उद्यमी योजना एक क्रांतिकारी कदम है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा. अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो बिहार में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे और राज्य आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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