Dussehra Mela: पटना के दशहरा मेले में महिला उद्यमियों के हुनर ने दिखाया कमाल, जानें इनके स्टॉल्स की खासियत

Dussehra Mela: फेस्टिव सीजन को देखते हुए पटना के ज्ञान भवन में दशहरा मेला लगाया गया है. जहां मेले में महिला उद्यमियों ने विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए हैं. जिससे ये महिलाएं संभाल बन रही हैं.
Dussehra Mela: पटना के ज्ञान भवन में चल रहे दशहरा मेले का समापन दो अक्तूबर को हो जायेगा. फेस्टिव सीजन को देखते हुए मेले का आयोजन किया गया है, जहां कई आकर्षक स्टॉल लगाये गये हैं, जो अपने आप में खास है. यह मेला उन महिला उद्यमी को संबल प्रदान करता है, जो न सिर्फ स्वरोजगार से जुड़ा है बल्कि कई को रोजगार से भी जोड़ रही हैं. त्योहारों को लेकर यहां सजावट व डेकोरेशन से संबंधित एक से बढ़कर एक स्टॉल लगाये गये हैं, जहां खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. मेले में जो भी प्रोडक्ट महिला उद्यमियों ने तैयार किया है, उसमें उनका प्रेम और स्नेह दिखता है.

दशहरा मेले में लगे इन स्टॉल्स की ये है खासियत
1. लोगों को भा रहा हैंडमेड सेंटेड कैंडल: ज्ञान भवन में पटना वीमेंस कॉलेज के इंटर कॉलेज वीमेंन्स एसोसिएशन की ओर से सेंटेड कैंडल का एक स्टॉल लगाया गया है. जिसमें एक से बढ़कर एक डिजाइनर और खूबसूरत कैंडल उपलब्ध है. इस कैंडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि, इसे सुधार गृह के बच्चों और एसोसिएशन के सदस्यों ने तैयार किया है. एसोसिएशन की हेड सिस्टर सेलीन क्रास्टा एसी कहती हैं, बाल सुधार गृह में स्किल से बच्चों को जोड़ने का कार्य किया जाता है. बच्चों द्वारा तैयार किये गये एक कैंडल की कीमत 100 रुपये है.

2. ऑटिस्टिक बच्चों ने बनाया डेकोरेटिव आइटम्स: अभ्युदय रिहैबिलिटेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर की ओर से ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को प्रशिक्षित किया जाता है. स्वास्तिका रानी ने बताया कि ऐसे स्पेशल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना आसान नहीं होता है. पर हमारी टीम उनकी मदद करती हैं और उन्हें एक्सपर्ट बनाती है. इस स्टॉल पर उपलब्ध सभी डेकोरेटिव आइटम्स को ऐसे ही बच्चों ने तैयार किया है. जिसकी कीमत 150 रुपए से लेकर 1000 रुपये तक है.

3. बैम्बू बोतल व हैंपर्स से मिथिला कला का प्रचार: केमी कुमारी का हमेशा से कला से जुड़ाव रहा है. लंदन से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मिथिला पेंटिंग से खुद को जोड़ते हुए लोकल प्रोडक्ट तैयार करना शुरू किया. अपने स्टार्टअप का नाम इन्होंने ‘लोकला’ रखा है, जो लोक कला पर आधारित है. इसमें वे जीविका दीदीयों और लोकल कलाकारों को जोड़ कर कार्य करती हैं. इनके उत्पादों में बांस बने कई प्रोडक्ट हैं, जिसके उपर खूबसूरत मधुबनी पेंटिंग उकेरी गयी है. इसकी कीमत 1100 रुपए है.

4. हैंडमेड डॉल और डायरी आ रही पसंद: रीति क्रिएशन की रीति ने बताया कि वह पिछले तीन साल से हैंडमेड डॉल्स और डायरी तैयार कर रही हैं. इसके अलावा वे डेकोरेशन की चीजें भी तैयार करती हैं. इनके पास जो भी प्रोडक्ट हैं, वे वेस्ट चीजों और पुराने कपड़ों से तैयार किये गये हैं, जो पूरी तरह से इको फ्रेंडली हैं. कार्डबोर्ड और फैब्रिक से मॉडर्न डॉल, कपड़े की पेंसिल स्टैंड डॉल, डायरी आदि शामिल है. कस्टमाइज्ड हैंडमेड डायरी की कीमत 100-400 रुपये है.
तस्वीरों में देखें दशहरा मेला






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लेखक के बारे में
By Anand Shekhar
Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.
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