कैंपस : एकेयू में मेडिकल छात्रों का हंगामा, एक घंटे तक सड़क को किया जाम

Updated at : 24 May 2024 7:41 PM (IST)
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कैंपस : एकेयू में मेडिकल छात्रों का हंगामा, एक घंटे तक सड़क को किया जाम

आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी में मेडिकल स्टूडेंट्स ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया. विवि के गेट पर बैठकर विशेष परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे. एकेयू में पूरे दिन हंगामा ही होता रहा.

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– एकेयू में मेडिकल छात्रों का हंगामा, जानबूझकर कर फेल कराने का आरोप

– एकेयू का फैसला : किसी भी प्रकार की त्रुटि हुई होगी तो स्क्रूटनी कमेटी छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए निर्णय लेगी

संवाददाता, पटना

आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी में मेडिकल स्टूडेंट्स ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया. विवि के गेट पर बैठकर विशेष परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे. एकेयू में पूरे दिन हंगामा ही होता रहा. एक बजे से स्टूडेंट्स का हंगामा चलता रहा. एकेयू गेट पर हंगामा कर स्टूडेंट्स को जब बाहर निकाला गया तो उन्होंने मीठापुर मुख्य सड़क को एक घंटे से अधिक समय तक जाम रखा. मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे छात्रों ने पोस्टरबाजी और नारेबाजी कर विशेष परीक्षा कराने की मांग भी की. पुलिस प्रशासन के सहयोग से सड़क को खाली कराया गया. इसके बाद स्टूडेंट्स को एकेयू के परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात करायी गयी. तब जाकर हंगामा चार बजे के बाद जाकर समाप्त हुआ. छात्रों ने कहा कि एमबीबीएस 2022 बैच के 350 स्टूडेंट्स की सप्लीमेंट्री परीक्षा में करीब 150 स्टूडेंट्स को इयर बैक लगा दिया गया. ऐसा अब तक नहीं हुआ. अच्छे पेपर लिखने के बाद भी फेल कर दिया गया है. 15 मई से एकेयू का चक्कर लगा रहे हैं. कोई सुनने वाला नहीं है. सभी स्टूडेंट्स री-एग्जाम कराने की मांग कर रहे हैं.

स्टूडेंट्स अगर चाहें, तो वे स्क्रूटनी के लिए आवेदन दे सकते हैं

वहीं, एकेयू परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव रंजन ने कहा कि एमबीबीएस के कुछ छात्र-छात्राओं ने मूल्यांकन में भेदभाव का आरोप लगाया है. उक्त छात्र-छात्राएं वार्षिक व सप्लीमेंट्री दोनों ही परीक्षाओं में असफल रहे हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन यह स्पष्ट करना चाहता है कि मूल्यांकन पूरी तरह से निष्पक्ष है कि इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है. स्टूडेंट्स अगर चाहें, तो वे स्क्रूटनी के लिए आवेदन दे सकते हैं. अगर किसी भी प्रकार की त्रुटि हुई होगी, तो स्क्रूटनी कमेटी निर्णय लेगी. डॉ राजीव रंजन ने कहा कि विद्यार्थियों पर सरकारी संपत्ति नष्ट करने को लेकर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा एफआइआर नहीं की गयी है, चूंकि ऐसी कोई हानि नहीं हुई है.

पेपर लीक मामले पर जांच कमेटी का होगा गठन

वहीं, डॉ राजीव ने कहा कि दूसरी घटना पांच मई को एमबीबीएस परीक्षा पेपर लीक से संबंधित है. विदित हो कि संबंधित परीक्षा को निरस्त कर पुनः 22 मई को परीक्षा आयोजित की जा चुकी है. विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति के द्वारा उक्त घटना को लेकर एफआइआर करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन वरीय पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद निर्देश प्राप्त हुआ कि एफआइआर करने के पूर्व विश्वविद्यालय स्तर पर आंतरिक जांच कमेटी का गठन कर रिपोर्ट समर्पित की जाये. उक्त निर्देश के आलोक में जांच समिति का गठन किया जा रहा है और जल्द ही इस पर रिपोर्ट तैयार कर ली जायेगी.

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