बिक्रम. धर्म धारण करने की चीज है. इसकी महिमा अपरंपार है. दान, पुण्य, यज्ञ, भजन-कीर्तन का हमें तात्कालिक लाभ नहीं मिलता. यही कारण है कि मनुष्य को यह पहेली की तरह बनकर बार-बार प्रश्न बनकर खड़ा हो जाता है, जिसका मन भगवान की भक्ति में लगेगा उसका ही जीवन सार्थक है. उक्त बातें महान संत त्रिडंडी स्वामी के कृपा प्राप्त शिष्य लक्ष्मीप्रपन्ना जीयर स्वामी जी महाराज ने बिक्रम के विरधौर निसरपुरा ग्राम में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ सह देव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ के समापन पर हजारों श्रोताओं के बीच कही. स्वामी जी वर्तमान समय में अपनी पीढ़ियों को धर्म, यज्ञ, पूजा, दान के प्रति रुचि जागृत करने की बात कही. यज्ञ की पूर्णाहुति शुक्रवार को की गयी. इस अवसर अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया. मौके पर आयोजन समिति व मुख्य यजमान अरविंद कुमार सिंह, पूर्व मुखिया धनंजय सिंह हरीश, अधिवक्ता प्रभु नारायण सिंह, विनोद कुमार सिंह, करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष रिंकू सिंह, पटना के पूर्व मेयर प्रत्याशी दीपक सिंह, डीएसपी रघुनाथ सिंह, रणवीर सिंह, विपिन सिंह, प्रो अवधेश सिंह सहित पतुत, बेरर, बराह, बड़गांव, भटोली, संदेश, सहार, नारायणपुर, बिशनपुर, भगवतीपुर जलपुरा सहित कई गांवों से आए श्रद्धालु उपस्थित थे.
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