बिहार में सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत, अब इतने दिन लेट आने पर कटेगा वेतन

Edited by Ashish Jha
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Teacher: अभी हालत यह है कि अगर टीचर एक मिनट भी देर से हाजिरी बना रहे हैं तो उनका वेतन काटा जा रहा है. इससे शिक्षक परेशान थे, लेकिन अब सरकार ने उन्हें राहत दे दी है.

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Teacher: पटना. बिहार सरकार ने सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है. दरअसल अब तक स्कूल में एक दिन भी देर से आने पर शिक्षकों का वेतन काट लिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सरकार की ओर से नया आदेश जारी हुआ है. अब स्कूल आने में यदि कोई टीचर 4 दिन 10 मिनट से अधिक लेट हुए तो यह उनकी एक छुट्टी मानी जाएगी. इस छुट्टी को कैजुअल लीव यानि सीएल से एडजस्ट किया जाएगा.

पांच लाख शिक्षकों को मिली राहत

बिहार के 5 लाख शिक्षकों को सरकार का यह आदेश लागू होगा. बिहार शिक्षक मंच ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में एक मीडिया रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा गया है, ‘शिक्षक स्कूल में 4 दिन लेट से पहुंचे तो एक दिन की छुट्टी मानी जाएगी.’ राज्य में अभी टीचर ऑनलाइन अटेंडेंस बनाते हैं और उसी के आधार पर उन्हें सैलरी दी जाती है. अभी हालत यह है कि अगर टीचर एक मिनट भी देर से हाजिरी बना रहे हैं तो उनका वेतन काटा जा रहा है. इससे शिक्षक परेशान थे, लेकिन अब सरकार ने उन्हें राहत दे दी है.

10 मिलट की छूट पहले की तरह जारी रहेगी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉक्टर एस सिद्धार्थ ने साफ कहा है कि अब शिक्षकों के देर से आने पर उनकी उपस्थिति को ई-शिक्षा कोष एप पर लेट पंच के तौर पर दर्ज किया जाएगा. तय नियमावली के अनुसार, यदि टीचर एक महीने में चार बार 10 मिनट से अधिक देर से स्कूल में आते हैं तो उनकी एक छुट्टी काट ली जाएगी. जाहिर है 10 मिनट की देरी तक शिक्षकों को राहत है. इससे पहले कई बार टीचरों को सर्वर या नेटवर्क खराब होने की वजह से हाजिरी बनाने में देरी होती थी. इसके बाद हाजिरी को रेगुलराइज कराना एक लंबा प्रॉसेस होता है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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