पटना में मोबाइल चोर गिरोह का बड़ा खुलासा, 55 फोन बरामद, रक्सौल बॉर्डर से खपाते थे नेपाल

बरामद फोन के साथ पटना पुलिस
Patna Crime News: पटना पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. चोरी के मोबाइल रक्सौल बॉर्डर के जरिए नेपाल भेजे जा रहे थे, जहां से उन्हें खपाया जाता था. इस कार्रवाई में 55 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
Patna Crime News: पटना पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह शहर के अलग-अलग इलाकों से मोबाइल चोरी कर उन्हें रक्सौल बॉर्डर तक पहुंचाता था, जहां से इन्हें नेपाल में खपाया जाता था. पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 55 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है.
पटना से चोरी, रक्सौल के रास्ते नेपाल तक सप्लाई
जांच में सामने आया है कि आरोपी पटना के विभिन्न क्षेत्रों से मोबाइल चोरी कर उन्हें सड़क के रास्ते रक्सौल बॉर्डर तक ले जाते थे. इसके लिए वे निजी वाहनों का भी इस्तेमाल करते थे. पुलिस को शक है कि बॉर्डर पार कर ये मोबाइल नेपाल में बेचे जाते थे, जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती थी.
सचिवालय हॉल्ट के पास से हुई पहली गिरफ्तारी
पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा के अनुसार, 30 मार्च को पुलिस को सूचना मिली थी कि सचिवालय हॉल्ट के पास मोबाइल स्नेचिंग गिरोह के सदस्य एक्टिव हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा गया. तलाशी लेने पर उनके बैग से 22 मोबाइल फोन बरामद हुए.
रक्सौल में छापेमारी, 33 और मोबाइल जब्त
पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पटना और पूर्वी चंपारण के रक्सौल बॉर्डर इलाके में छापेमारी की. वहां से 33 और मोबाइल फोन बरामद किए गए और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस पूरे मामले में रवि कुमार, रौशन कुमार, साजन और आदित्य समेत कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
नेपाल में IMEI नहीं होने से ट्रैकिंग मुश्किल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चोरी के मोबाइल नेपाल में आसानी से खपाए जाते हैं क्योंकि वहां इन फोन का IMEI नंबर ट्रैक नहीं हो पाता. यही वजह है कि ऐसे मामलों में मोबाइल को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है और अपराधी लंबे समय तक बच निकलते हैं.
पहले भी पकड़ा गया था ऐसा ही गिरोह
हाल ही में जक्कनपुर इलाके से भी इसी तरह का एक गिरोह पकड़ा गया था, जो बस के जरिए चोरी के मोबाइल रक्सौल भेजता था और वहां से नेपाल सप्लाई करता था. इससे साफ है कि यह एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहा है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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