Patna: क्लास ड्रॉप करेंगे तो अभिभावकों को मिलेगा मैसेज, इस कारण शुरू हो रही है यह व्यवस्था
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Oct 2024 7:47 PM
Patna: विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी राजकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्र -छात्राओं की कक्षा में कम-से- कम 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य की है, ताकि छात्र नियमित सभी क्लास में पहुंचे.
Patna: राज्य के सभी इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक संस्थानों में क्लास ड्रॉप करने वाले छात्रों के अभिभावकों को मैसेज भेजा जायेगा. विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद कॉलेज के स्तर पर यह व्यवस्था शुरू कर दी गयी है. इसके लिए एप बनाया गया है. जिससे अभिभावकों के नंबरों को जोड़ा गया है. जैसे ही कोई छात्र क्लास में समय से नहीं पहुंचेगा और हाजिरी के समय अनुपस्थित रहेगा, तो तुरंत अभिभावकों को मैसेज पहुंच जायेगा. वहीं, तीन दिनों तक लगातार क्लास में नहीं आने वाले छात्रों को अभिभावक से आवेदन पर हस्ताक्षर कराना होगा, जिसमें कारण भी बताना अनिवार्य किया गया है.
इस कारण शुरू हो रही है यह व्यवस्था
विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी राजकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्र -छात्राओं की कक्षा में कम-से- कम 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य की है, ताकि छात्र नियमित सभी क्लास में पहुंचे. वहीं, पूर्व से भी 75 फीसदी से कम हाजिरी होने पर छात्रों को परीक्षा में नहीं बैठने देने का प्रावधान है. इस संबंध में भी विभाग ने एक बार फिर सभी इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्यों-प्रभारी प्राचार्यों को पत्र भेज हैं .
कमजोर बच्चों के लिए स्पेशल क्लास नियमित रूप में हुआ शुरू
विभाग के निर्देश पर सभी संस्थानों में कमजोर बच्चों के लिए स्पेशल क्लास शुरू किया गया है, ताकि वह पढ़ाई से नहीं भागे और क्लास में नियमित क्लास में आएं. वहीं, जो बच्चे अगल से शिक्षक से कुछ समझना या जानना चाहते है. उन्हें भी समय दिया जाने लगा है. साथ ही, कमजोर बच्चों के लिए सप्ताह में तीन दिन अगर से क्लास शुरू किया गया है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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