NEET पेपर लीक में संजीव मुखिया के साथ DIG का रिश्तेदार भी था शामिल, CBI ने किया बड़ा खुलासा
Published by : Anshuman Parashar Updated At : 02 May 2025 7:45 AM
NEET Papaer Leak
NEET Paper Leak: NEET UG 2024 पेपर लीक केस में CBI पूछताछ में संजीव मुखिया ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं. उसने स्वीकारा कि वह परीक्षा के दिन गोधरा में मौजूद था, जहां से पेपर लीक हुआ. इस साज़िश में DIG रैंक अधिकारी का रिश्तेदार भी शामिल बताया गया है.
NEET Paper Leak: NEET UG 2024 की परीक्षा में पेपर लीक की गुत्थी सुलझाने में जुटी CBI को बड़ी सफलता मिली है. पूछताछ में मास्टरमाइंड संजीव मुखिया ने स्वीकार किया है कि वह 5 मई 2024 को गुजरात के गोधरा में मौजूद था. हैरानी की बात यह है कि पेपर लीक जिस जय जलाराम स्कूल से हुआ, वह स्थान संजीव की मौजूदगी वाली जगह से महज डेढ़ किलोमीटर दूर था.
DIG रैंक के अफसर के रिश्तेदार की साजिश में सीधी भागीदारी
CBI को जांच में यह भी पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क में एक DIG स्तर के पुलिस अधिकारी का करीबी रिश्तेदार भी शामिल था. यही शख्स परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों से संपर्क करता था और उन्हें डील कराता था.
संजीव मुखिया को अहमदाबाद ले जा सकती है पुलिस
CBI की पूछताछ पूरी होने के बाद अब गुजरात पुलिस की टीम संजीव मुखिया को गोधरा में दर्ज मामले में आगे की पूछताछ के लिए अहमदाबाद ले जाने की तैयारी में है. अधिकारी मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में और भी कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं.
अब तक की गिरफ्तारी
गुजरात पुलिस की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) ने इस मामले में जय जलाराम स्कूल के प्रिंसिपल पुरुषोत्तम शर्मा, शिक्षक तुषार भट्ट, वडोदरा के शिक्षा सलाहकार परशुराम राय, उसके सहयोगी विभोर आनंद और दलाल आरिफ वोहरा को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार विभोर आनंद बिहार के लखीसराय जिले का रहने वाला है, जिसे पुलिस ने दरभंगा में स्थित उसके ससुराल से पकड़ा था.
बिहार से पंजाब तक फैला है संजीव मुखिया का नेटवर्क
CBI सूत्रों की मानें तो संजीव मुखिया की जड़ें सिर्फ गुजरात या बिहार तक सीमित नहीं हैं. उसका नेटवर्क राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब तक फैला हुआ है. यह भी सामने आया है कि ये लोग लंबे समय से मेडिकल और प्रतियोगी परीक्षाओं को टारगेट कर रहे थे.
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कमीशन के खेल में चल रहा था पूरा नेटवर्क
CBI को मिली जानकारी के अनुसार, विभोर आनंद अभ्यर्थियों को परशुराम राय से मिलवाता था जो एक वीजा कंसल्टेंसी फर्म चलाता है. जब अभ्यर्थी डील के लिए तैयार हो जाते तब विभोर को मोटा कमीशन मिलता था.
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By Anshuman Parashar
अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.
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