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Khan Sir ने दहेज प्रथा पर राज्यपाल से की दो मांगें- बोले, बिहार में भी हो ‘पिंक नंबर प्लेट’ और एंटी डाउरी ऑफिसर

Updated at : 07 Jun 2025 4:01 PM (IST)
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Khan sir with governor| Khan Sir made two demands from the Governor on dowry system- said, Bihar should also have 'Pink Plate'

Khan sir with governor

Khan Sir: बिहार के फेमस शिक्षक खान सर के इंस्टीट्यूट पहुंचे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने जहां उन्हें शादी और बकरीद की बधाई दी, वहीं खान सर ने इस मौके को सामाजिक संदेश देने का मंच बना दिया. उन्होंने राज्यपाल से दहेज प्रथा पर रोक लगाने के लिए दो अहम सुझाव रखे, जो अब चर्चा में हैं.

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Khan Sir: पटना में शुक्रवार को एक खास दृश्य देखने को मिला, जब केरल के पूर्व और बिहार के वर्तमान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान खुद खान सर के इंस्टीट्यूट में पहुंचे. बकरीद और हाल ही में हुई शादी की बधाई देने आए राज्यपाल से खान सर ने बिहार के लिए दो गंभीर सुझाव भी रख दिए, जिन्हें सुनकर क्लास में तालियां गूंज उठीं.

खान सर ने दहेज प्रथा पर चिंता जताते हुए राज्यपाल से आग्रह किया कि केरल की तरह बिहार में भी हर जिले में एंटी डाउरी ऑफिसर की नियुक्ति की जाए. उन्होंने कहा कि जब आरिफ मोहम्मद खान केरल के राज्यपाल थे, तब दहेज के कारण एक युवती की हत्या पर उन्होंने तुरंत एक्शन लिया और राज्य सरकार को इस दिशा में कदम उठाने को प्रेरित किया था.

दहेज लेने वालों की डिग्री रद्द की जाए…

खान सर ने दूसरी मांग के रूप में कहा कि विश्वविद्यालयों में डिग्री देने से पहले छात्रों से एफिडेविट लिया जाए कि अगर वे दहेज लेते या देते पकड़े जाते हैं, तो उनकी डिग्री रद्द कर दी जाएगी. उन्होंने इसे युवाओं को मानसिक रूप से जागरूक करने का बड़ा कदम बताया.

दहेज वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट गुलाबी हो

“दहेज वाली गाड़ियों को गुलाबी नंबर प्लेट मिले,”- ये मांग सुनते ही क्लास में मौजूद छात्र हंस पड़े, लेकिन तुरंत बाद समझ गए कि इसके पीछे एक गंभीर सोच छिपी है. खान सर बोले, “जब कोई लड़का ससुर की संपत्ति पर लहरिया कट मारता है, तो लोग समझें कि यह दहेज की गाड़ी है, ताकि समाज में शर्म पैदा हो और ये चलन रुके.”

क्लास लेने खुद आएंगे राज्यपाल

राज्यपाल खान सर की बातों से काफी प्रभावित हुए और क्लास में दिव्यांग छात्रों के लिए रिजर्व सीट देखकर उनकी सराहना की. उन्होंने कहा कि वे खुद यहां क्लास लेने फिर आएंगे. उन्होंने खान सर को गरीबों के लिए मसीहा बताते हुए कहा, “आपकी मेहनत समाज में बदलाव ला रही है.” एक ओर यह मुलाकात त्योहार की शुभकामना थी, तो दूसरी ओर समाज सुधार की नई पहल की उम्मीद भी.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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