Ind-Pak War: बिहार में कैसे बनें सिविल डिफेंस वॉलंटियर? प्रतिदिन मिलेंगे 750 रुपये, जानें योग्यता और उम्र सीमा
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 10 May 2025 1:19 PM
सांकेतिक तस्वीर
India-Pakistan War: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बिहार सरकार ने राज्य में आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है. संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए गांव से शहर तक मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई है और सिविल डिफेंस वॉलंटियर की संख्या में इजाफा किया जा रहा है.
India-Pakistan War: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य में आपदा की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. राज्य सरकार ने गांव से शहर तक के लोगों को आपदा के प्रति जागरुक करने और राहत-बचाव कार्यों को मजबूती देने के लिए पूरे बिहार में मॉक ड्रिल कराने की योजना बनाई है. इसके तहत सिविल डिफेंस वॉलंटियर यानी नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों की संख्या में बढ़ोतरी की जा रही है.
अब 750 रुपये मिलेगा प्रतिदिन मानदेय
सरकार ने इन वॉलंटियर के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है. पहले इन्हें 400 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया गया है. यह फैसला न केवल युवाओं को प्रेरित करेगा बल्कि आपदा प्रबंधन तंत्र को भी मजबूत बनाएगा. आपातकालीन स्थिति में ये वॉलंटियर जिला प्रशासन के साथ मिलकर राहत, बचाव और जन-जागरुकता कार्यों में अहम भूमिका निभाएंगे.
सीमा क्षेत्रों में विशेष ध्यान
आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय के कंट्रोल रूम को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है. खासतौर से भारत-नेपाल सीमा से सटे पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे जिलों में सिविल डिफेंस वॉलंटियर की संख्या बढ़ाई जाएगी. इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित चार नागरिक सुरक्षा जिलों- पटना, पूर्णिया, कटिहार और बेगूसराय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद को देखते हुए गया जिले में भी इनकी तैनाती की जाएगी.
कैसे बनें सिविल डिफेंस वॉलंटियर?
अगर आप देश सेवा के साथ आपदा प्रबंधन कार्य में भागीदारी करना चाहते हैं, तो आप अपने जिले के नागरिक सुरक्षा कार्यालय, जिला पदाधिकारी (DM), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) या प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. आवेदन के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष तय की गई है.
विशेष रूप से “आपदा मित्र”, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, और स्काउट एवं गाइड से जुड़े युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. इन्हें प्रशिक्षण देकर आपदा प्रबंधन की भूमिका में शामिल किया जाएगा.
जन-जागरुकता और प्रशिक्षण दोनों होंगे प्राथमिकता में
सिविल डिफेंस वॉलंटियर को न केवल राहत और बचाव कार्यों में लगाया जाएगा. बल्कि उन्हें सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरुक करने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी. मॉक ड्रिल के जरिए स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर आपदा से निपटने के तौर-तरीकों की जानकारी दी जाएगी. ताकि वास्तविक संकट की घड़ी में लोग संयम और समझदारी से काम ले सकें.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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