आरटीइ के तहत चयनित बच्चे से स्कूल मांग रहा फीस, जिला शिक्षा अधिकारी से लगायी गुहार
Updated at : 25 Jul 2025 6:30 PM (IST)
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीइ) के तहत चयनित निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है.
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संवाददाता, पटना
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीइ) के तहत चयनित निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है. लेकिन इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन बच्चों से फीस मांग रहे हैं. शुक्रवार को अभिभावक स्कूल द्वारा फीस मांगने की शिकायत को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे. पटना सिटी स्थित एक निजी स्कूल संचालक द्वारा आरटीइ के तहत एडमिशन के बावजूद फीस मांगने की लिखित शिकायत अभिभावकों ने दी है. पटना सिटी की रहने वाली राधिका कुमारी ने बताया कि स्कूल की ओर से फीस मांगी जा रही है. फीस नहीं देने पर बच्ची का नाम स्कूल से काट देने की बात कही जा रही है. राधिका कुमारी ने बताया कि दो साल तक स्कूल ने कोई फीस नहीं ली, लेकिन अब फीस मांगी जा रही है. वहीं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियम के तहत अलाभकारी और कमजोर वर्ग के बच्चों के प्रस्वीकृत निजी स्कूलाें में नामांकन जिले के 965 बच्चों की सूची तो जारी कर दी गयी है, लेकिन जिस शिक्षा विभाग के ज्ञानदीप पोर्टल पर नामांकन के बाद बच्चों का डिटेल अपलोड करना है, वह नहीं खुल रहा है. इसको लेकर अभिभावक से लेकर स्कूल संचालक तक जिला शिक्षा कार्यालय का प्रतिदिन चक्कर लगा रहे हैं. इसका समाधान जिला स्तर पर भी नहीं किया जा रहा है. जिला शिक्षा कार्यालय में आये स्कूल संचालकों की शिकायत है कि जो यूजर आइडी उपलब्ध करायी गयी है, उसका उपयोग करने के बाद भी पोर्टल नहीं खुल रहा है. कुछ स्कूलों को यूजर आइडी ही उपलब्ध नहीं करायी गयी है. पोर्टल नहीं खुलने पर स्कूल संचालक अभिभावकों को जिला शिक्षा कार्यालय भेज दे रहे हैं. ज्ञानदीप पोर्टल पर बच्चों का आधार कार्ड सहित अन्य डिटेल अपलोड करना अनिवार्य है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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