मनेर. पेयजल को लेकर सरकार नल जल योजना चला रखी है. जिससे लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े. लेकिन मनेर प्रखण्ड की सिंघाड़ा पंचायत स्थित शेरभुक्का गांव के वार्ड संख्या 10 में पिछले 10 दिनों से सैकड़ों घर के लोग पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ा रहा है.
लोगों को इस गर्मी के मौसम में पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. किसी तरह गांव के लोग दूसरे लोगों के घर से पानी लेकर प्रतिदिन का कार्य कर रहे हैं. ग्रामीणों महिला रजनी देवी और संगीता देवी का कहना है कि पानी टंकी पर बिजली विभाग ने पैसा बकाया रहने के कारण 28 मार्च 2025 को कनेक्शन काट दिया. उसके बाद से ग्रामीण पानी को लेकर परेशान हैं.
हालांकि नल जल विभाग की देखरेख करने वाले का अभी तक कोई अता पता नहीं है. ऐसे में लोगों के बीच गंभीर समस्या बनी हुई है. वहीं हर जगहों पर अब चापाकल भी पूरी तरह से बंद है, लोग आसपास के गांव व टोले से दूरी तय कर पानी लाने को विवश हैं. इस संबंध में मनेर पंचायती राज पदाधिकारी मीसा सागर ने बताया कि इसके बारे में किसी ने सूचना नहीं दी है. लेकिन मंगलवार को बिजली कनेक्शन कराकर पानी शुरू करा दिया जायेगा.गोबिंदपुर गांव में नल-जल योजना ठप, पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
खुसरूपुर. प्रखंड की बैकटपुर पंचायत के वार्ड नंबर 18 गोबिंदपुर गांव में नल-जल योजना का मोटर खराब हो जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मोटर विगत एक पखवारे से खराब है. गांव में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे लोग मजबूरन पाइप से रिसने वाले पानी को भरकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना के तहत लगायी गयी मोटर के खराब होने की सूचना लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को दी गयी है, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है. ग्रामीणों के अनुसार बार-बार मोटर के खराब होने की समस्या उत्पन्न हो रही है.गांव के रणधीर कुमार शर्मा के अनुसार गर्मी की मौसम में पानी की समस्या के चलते महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के हैंडपंपों या अन्य जल स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है. वहीं इस नल जल योजना की देखरेख करने वाले कर्मी को कई महीने से मानदेय नहीं मिलने की भी शिकायत मिल रही है.
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