ePaper

नीतीश की यात्राएं-7 : पतिलार की सभा के बाद की वह रात… अब भी जेहन में पैदा करती है सिहरन

Updated at : 14 Jan 2025 12:53 PM (IST)
विज्ञापन
Nitish Kumar Yatra

Nitish Kumar Yatra

Nitish Kumar Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर प्रदेश की यात्रा पर हैं. 2005 में नवंबर महीने में मुख्यमंत्री बनने के पूर्व वे जुलाई महीने में न्याय यात्रा पर निकले थे. विकास यात्रा उनकी दूसरी यात्रा थी. नीतीश कुमार की अब तक 15 से अधिक यात्राएं हो चुकी हैं. आइये पढ़ते हैं इन यात्राओं के उद्देश्य और परिणाम के बारे में प्रभात खबर पटना के राजनीतिक संपादक मिथिलेश कुमार की खास रिपोर्ट की सातवीं कड़ी..

विज्ञापन

Nitish Kumar Yatra: विकास यात्रा की शुरुआत मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण की धरती से ही की. पश्चिम चंपारण के बगहा के मैदान में मुख्यमंत्री की पहली सभा हुई. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य में विकास कार्यों की जानकारी लेने की बात कही और गांवों में रात गुजारने की अपनी योजना बतायी तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. देर शाम जब सभा खत्म हुई तो मुख्यमंत्री का काफिला निकट के पतिलार गांव पहुंचा. पतिलार अद्भुत गांव था. अपहरण को लेकर इस गांव की चर्चा दूसरे जिलों में भी होती थी. वहां लोगों ने बताया कि इस इलाके में नमक की बोरियों के कारण भी अपहरण हो जाता था. सीएम ने कहा कि वह न्याय-यात्रा के दौरान किये गये वायदों को पूरा करने पटना से निकले है. लोगों के मन से डर निकला है. तीन साल में 28 हजार से अधिक अपराधियों को सजा मिली है.

उस गांव में कोई ठिकाना नहीं था

रात्रि के करीब नौ बज रहे होंगे. पूस की अंधेरी रात. नेपाल और गंडक नदी के किनारे स्थित बगहा का इलाका वैसे भी ठंड से कंपकपाने वाला होता है. पतिलार गांव में मुख्यमंत्री की सभा खत्म हुई. हम पत्रकारों की टोली वापस गांव से बाहर निकले. अब समस्या थी रात गुजारने की और अहले सुबह बेतिया पहुंच कर सीएम के कार्यक्रम में पहुंचने की. मुझे याद आ रहा है, हमलोगों की टीम में कई पत्रकार साथ थे. धुंध से पटा बगहा में हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था. ऐसे में गाड़ी से रात्रि में ही बेतिया पहुंचने की कहीं से गुंजाइश नहीं दिख रही थी. ड्राइवर ने अपने हाथ खड़े कर दिये. अब रात कहां बितायी जाये, यह समस्या थी. तभी एक उम्मीद की किरण पूर्व मंत्री राजेश सिंह का चेहरा उभर कर सामने आया. शाम में जब बगहा के मैदान पर नीतीश कुमार पहुंचे थे उस समय मंच पर राजेश सिंह भी दिखे थे. मंच से ही उन्होंने अभिवादन किया और हमने उन्हें जवाब भी दिया.

एहसास नहीं था कि इतनी दुरूह हो जायेगी रात

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भाषण जब खत्म हुआ उस समय राजेश सिंह ने रात यहीं बिताने का अनुरोध किया था, लेकिन उस समय रात इतनी दुरूह हो जायेगी, इसका अहसास तक हमलोगों को नहीं था. हमने कहा, देखते हैं. लेकिन जब कार्यक्रम खत्म होने के बाद धुंध और ठंड से भीगी बगहा की रात में कहीं कोई ठौर नजर नहीं आया तो हम सभी ने फैसला किया कि राजेश सिंह से बात की जाये. राजेश सिंह से हमने बात की, उन्होंने तुरंत रास्ता निकाल दिया. जिस जगह पर हम सभी खड़े थे, उससे थोड़ी दूर पर नदी किनारे एक उनका निजी गेस्ट हाउस था. राजेश सिंह ने वहां हम सबों को पहुंचने को कहा. हम सब वहां पहुंचे तो केयर टेकर ने खाने का इंतजाम करने की सुखद सूचना दी. हमलोगों ने ऊपर ही मन से खाना बनाने से मना करने की कोशिश की. लेकिन, उस सज्जन ने कहा कि नहीं मंत्री जी का आदेश है.

वहां मुश्किल था कुछ ठुकरा पाना

बड़े से कमरे में चार पांच बेड पर अच्छी चादरें बिछी थी. करीब एक सवा घंटे बाद हम सबके सामने भोजन परोसा गया. भोजन देख सभी के मुरझाये चेहरे खिल उठे. उस सर्द भरी रात में गर्म-गर्म रोटियां और देसी मुर्गे की टांग ने शरीर में एक नया जोश भर दिया. हम सबने राजेश सिंह को धन्यवाद दिया. सुबह जब सभी पांच बजे उठने को हुए तो केयर टेकर ने कहा- ‘चाय बन गयी है और पांच मिनट में नास्ता भी तैयार हो जायेगा.’ हम सबने उसे मना किया लेकिन वह नहीं माने. घर से निकल एक बुजुर्ग स्त्री ने कहा, ‘बाबू कब कहां खाने को मिलेगा, यहां से कुछ तो खाते जाइये.’ हम उनका आग्रह ठुकरा नहीं पाये. नास्ता कर अगले पड़ाव की ओर निकल पड़े. पतिलार की सभा के बाद की वह रात अब भी जेहन में आती है तो रोआं कांप उठता है.

Also Read: नीतीश की यात्राएं-6 : खेतों में लगता था मुख्यमंत्री का टेंट, गांव की गलियों में करते थे सुबह की सैर

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन