Bihar Bhumi: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य में जमीन खरीदने वाले लोगों के लिए एक अहम सलाह जारी की है. अगर इस सलाह का पालन नहीं किया गया तो जमीन खरीदने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. विभाग ने कहा है कि जमीन खरीदने से पहले उसकी ऑनलाइन जमाबंदी की जांच करना बेहद जरूरी है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो संभव है कि आप जमीन नहीं बल्कि विवादित जमीन खरीद रहे हों.
विभाग ने क्या दी सलाह?
विभाग ने सलाह दी है कि अगर आप अपनी मेहनत की कमाई जमीन खरीदने में लगाने जा रहे हैं तो उससे पहले कुछ बातों की जांच कर लें. जैसे, जिस जमीन को आप ऑनलाइन खरीदने जा रहे हैं, क्या जमीन विक्रेता के पास उसकी जमाबंदी है? और अगर जमाबंदी ऑनलाइन उपलब्ध है तो क्या आप जो खेसरा (प्लॉट) खरीद रहे हैं उसका नंबर और पूरा रकबा उस ऑनलाइन जमाबंदी में दर्ज है? इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि विक्रेता के पास खुद के नाम से ऑनलाइन जमाबंदी है या नहीं?
क्यों जरूरी है यह जांच?
ऑनलाइन जमाबंदी जांच से जमीन के असली मालिक का पता चल जाएगा. इससे आपको भविष्य में होने वाले विवादों से बचने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, अगर जमीन बेचने वाले के पास खुद के नाम पर जमाबंदी नहीं है, तो क्या विक्रेता के पास सभी हिस्सेदारों की लिखित सहमति है? इसकी भी जांच करना जरूरी है. अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो जमीन खरीदने के बाद कानूनी दिक्कतें आ सकती हैं.
कहां चेक करें जमाबंदी?
जमाबंदी देखने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट https://biharbhumi.bihar.gov.in/ पर जाएं और जमाबंदी देखें पर क्लिक करें. यहां मांगी गई जानकारी दर्ज करने के बाद आप जमाबंदी देख पाएंगे.
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विभाग ने दी चेतावनी
विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि अगर आपने जमाबंदी की जांच नहीं की है तो संभव है कि आप जमीन नहीं बल्कि विवाद वाली जमीन खरीदने जा रहे हों. विभाग ने कहा है कि जमीन में मालिकाना हक के लिए म्यूटेशन जरूरी है. म्यूटेशन के लिए विक्रेता का अधिकार जरूरी है, जो ऑनलाइन जमाबंदी के जरिए ही प्रमाणित होगा.
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