झारखंड के लोहरदगा में 6 और 7 मार्च को साहित्य-फिल्म महोत्सव, जिला प्रशासन का आयोजन

लोहरदगा में 6 और 7 फरवरी को साहित्य और फिल्म फेस्टिवल का आयोजन होगा.
Lohardaga Festival News: झारखंड के लोहरदगा जिला शहर में में 6 और 7 मार्च 2026 को जिला प्रशासन द्वारा साहित्य एवं फिल्म महोत्सव आयोजित होगा. समाहरणालय मैदान में फिल्मों का प्रदर्शन, चर्चित लेखकों की भागीदारी, जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और विभागीय स्टॉल लगाए जाएंगे. आयोजन में मेडिकल टीम और बैठने की विशेष व्यवस्था भी रहेगी. पूरी खबर नीचे पढ़ें.
लोहरदगा से गोपी किशोर की रिपोर्ट
Lohardaga Festival News: झारखंड के लोहरदगा में जिला प्रशासन की ओर से 6 और 7 मार्च 2026 को दो दिवसीय साहित्य एवं फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. यह महोत्सव समाहरणालय मैदान में आयोजित होगा, जहां साहित्य, सिनेमा और जनजातीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. प्रशासन का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करना है.
फिल्म महोत्सव में दिखेंगी चुनिंदा प्रेरक फिल्में
फिल्म महोत्सव के तहत आगंतुकों को कुछ चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन कराया जाएगा. इनमें रांची-लोहरदगा नैरो गेज रेल मार्ग पर आधारित चर्चित फिल्म “गाड़ी लोहरदगा मेल” भी शामिल है. यह फिल्म क्षेत्रीय इतिहास और लोकजीवन की झलक प्रस्तुत करती है. फिल्मों के माध्यम से दर्शकों को झारखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से रूबरू कराया जाएगा. आयोजन समिति का मानना है कि सिनेमा समाज का आईना होता है और इसके जरिए सकारात्मक संवाद स्थापित किया जा सकता है.
साहित्य महोत्सव में जुटेंगे देशभर के चर्चित नाम
साहित्य महोत्सव में कई प्रतिष्ठित लेखक, कलाकार, फिल्म निर्देशक और विचारक अपने अनुभव साझा करेंगे. चर्चित उपन्यास “डार्क हॉर्स” के लेखक नीलोत्पल मृणाल, उपन्यासकार रणेन्द्र, कवि अनुज लुगुन, कवियित्री पार्वती तिर्की और लेखक महादेव टोप्पो जैसे नाम इसमें शामिल होंगे. जनजातीय कला और संस्कृति को विशेष स्थान देते हुए सुमंती कुमारी, बिज्जू टोप्पो मुंडा, गुंजल इकिर मुंडा और सीआर हेम्ब्रेन जैसे कलाकार भी मंच साझा करेंगे. इसके अलावा फिल्म निर्देशक निरंजन कुमार कुजूर, फिल्मकार मेघनाथ और स्टैंडअप कॉमेडियन आशीष कुमार भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. सोशल कंट्रीब्यूटर सौरभ कुमार भुवानिया (आईएएस) भी अपने अनुभवों से युवाओं को प्रेरित करेंगे. यह मंच साहित्य, समाज और प्रशासन के बीच संवाद का सेतु बनेगा.
विद्यार्थियों की भागीदारी से सजेगा सांस्कृतिक मंच
महोत्सव में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी. जनजातीय नृत्य, एकल और सामूहिक गायन, नाट्य मंचन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके साथ ही राइटिंग प्रतियोगिता और क्विज जैसे बौद्धिक कार्यक्रम भी होंगे, जिससे विद्यार्थियों की रचनात्मकता और ज्ञान का विकास हो सके. प्रशासन का लक्ष्य है कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और साहित्यिक विरासत से जोड़ा जाए.
विभागीय स्टॉल और जनजातीय भोजन का आकर्षण
दो दिवसीय महोत्सव के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी. यह आम लोगों के लिए योजनाओं को समझने और लाभ उठाने का अवसर होगा. महोत्सव में आने वाले लोग पारंपरिक जनजातीय भोजन का स्वाद भी ले सकेंगे. स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से झारखंड की समृद्ध खाद्य संस्कृति को भी प्रदर्शित किया जाएगा.
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सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था भी सुनिश्चित
कार्यक्रम स्थल पर करीब सौ लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. साथ ही जिला अस्पताल से मेडिकल टीम की तैनाती भी रहेगी, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें. जिला प्रशासन ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. साहित्य और सिनेमा के इस संगम से लोहरदगा में सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. यह महोत्सव न केवल मनोरंजन का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज को जोड़ने और प्रेरित करने का भी कार्य करेगा.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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