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कहीं शेयर में निवेश, तो कहीं बेटे को रेप केस में फंसाने के नाम पर लाखों ठगे

Updated at : 01 Oct 2024 12:46 AM (IST)
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कहीं शेयर में निवेश, तो कहीं बेटे को रेप केस में फंसाने के नाम पर लाखों ठगे

patna news : साइबर बदमाश लगातार लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. कई लोगों ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया है.

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संवाददाता, पटना

साइबर बदमाश लगातार लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. कई लोगों ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया है. साइबर बदमाशों ने अगमकुआं थाने के धनुकी मोड़ निवासी सुजाता कुमारी को ऑनलाइन आइपीओ में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया और 12 लाख रुपये ठगे लिये. साथ ही शातिर सुजाता से और पैसे की मांग रहे हैं और नहीं देने पर पुलिस से गिरफ्तार करवाने की धमकी भी दे रहे हैं.सुजाता के पति शशिकांत सिन्हा दुबई में रहते हैं.

रेप केस में फंसने का दिखाया डर और ठगे 50 हजार : बाजार समिति निवासी वृजेश्वर प्रसाद को साइबर बदमाशों ने इंस्पेक्टर बन कर कॉल किया और जानकारी दी कि उनका बेटा रेप केस में पकड़ा गया है. इसके बाद वृजेश्वर प्रसाद ने जालसाजों के अकाउंट में 50 हजार रुपये डाल दिये. इसी तरह बेटी के अपहरण करने की जानकारी देकर साइबर बदमाशों ने उसकी मां से 99,500 रुपये ठग लिये़ दानापुर के कारोबारी संतोष को साइबर बदमाशों ने पानी की बोतल का ऑर्डर दिया और उसे सीआइएसएफ कैंप के पास लाने को कहा. इसके बाद गलती से अधिक पैस भेजने की जानकारी देकर 1.41 लाख की ठगी कर ली. चित्रगुप्त नगर की अंजली भारती ने गूगल से कंपनी का नंबर निकाल कर कॉल किया. इसके बाद बदमाशों ने उन्हें एप डाउनलोड करा खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिये. बिजली बोर्ड का अधिकारी बन कर साइबर बदमाशों ने भूतनाथ रोड के प्रतीक कुमार से 59, 559 रुपये की ठगी कर ली. न्यू जगनपुरा आदर्श नगर के जीतेंद्र कुमार को अधिकारी बन खाते से 2.50 लाख रुपये की निकासी कर ली.

वहीं स्टेट बैंक के रिटायर्ड कर्मी विनोद प्रसाद केसरी को लुभावना गिफ्ट देने का झांसा दिया और खाते से 1.05 लाख रुपये की निकासी कर ली. डीआइजी बन किया कॉल व कर ली 1.50 लाख रुपये की ठगी पटना. हैलो मैं डीआइजी पटना बोल रहा हूं. आपका बेटा प्रकाश गलत काम में फंस गया है. अगर उसे बचाना चाहते हो तो 1.50 लाख रुपया मेरे बताये खाते में डाल दो. यह फोन दीदारगंज के कच्ची दरगाह निवासी अशोक कुमार सिंह को आया. साथ ही उसने यह भी जानकारी दी कि उनका बेटा किस संस्थान में पढ़ता है. काफी सटीक जानकारी होने के कारण अशोक कुमार सिंह ने डीआइजी पटना का ही कॉल समझा और डर गये. हालांकि उन्होंने अपने बेटों को कॉल कर उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन उसका नंबर कवरेज एरिया से बाहर बता रहा था. इसके कारण अशोक कुमार सिंह समझ गये कि उनका बेटा पुलिस हिरासत में है. इसके बाद साइबर बदमाशों के दिये गये क्यू आर कोड को स्कैन कर उनके खाता में 75 हजार रुपया डाल दिये. इसी बीच उनके बेटे का कॉल आ गया और उसने पकड़े जाने पर आश्चर्य जताया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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