Bihar Board 10th Result: बिहार के 'टॉपर्स फैक्ट्री' कहे जाने वाले इस विद्यालय को फिर झटका, टॉप 10 में एक भी छात्र नहीं

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 29 Mar 2025 2:43 PM

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सिमुलतला की तस्वीर

Bihar Board 10th Result: सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जिसे बिहार का टॉपर्स फैक्ट्री कहा जाता है, साल दर साल अपने पुराने गौरव को खोता जा रहा है. कभी बिहार बोर्ड परीक्षाओं में टॉपर्स की लिस्ट में छाए रहने वाले इस विद्यालय के छात्र अब शीर्ष पांच या दस में भी जगह नहीं बना पा रहे हैं.

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Bihar Board 10th Result: बिहार का टॉपर्स फैक्ट्री कहे जाने वाले सिमुलतला आवासीय विद्यालय की शैक्षणिक चमक फीकी पड़ती जा रही है. कभी बिहार बोर्ड की टॉप लिस्ट में दबदबा रखने वाला यह संस्थान अब लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है. 2024 की मैट्रिक परीक्षा में विद्यालय का कोई भी छात्र-छात्रा टॉप 5 या टॉप 10 में जगह नहीं बना सका.

शिक्षकों की कमी नहीं, फिर भी गिर रहा है प्रदर्शन

शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर उठते सवालों को बिहार सरकार पहले ही दूर कर चुकी है. बीपीएससी से चयनित 22 नए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के बावजूद विद्यालय का प्रदर्शन सुधर नहीं रहा. ऐसे में अब शैक्षणिक गुणवत्ता और मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

छात्रों का आरोप: भाषा बनी बाधा

विद्यालय के छात्रों का मानना है कि उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का सही मूल्यांकन नहीं हो रहा. एक छात्र ने बताया, “हम सभी अंग्रेजी में परीक्षा देते हैं, लेकिन बिहार बोर्ड के हिंदी माध्यम के शिक्षक हमारी कॉपियों की जांच करते हैं. इससे हमें सही अंक नहीं मिल पाते.”

छात्रों की मांग है कि बिहार बोर्ड को टॉपर्स की कॉपियां ऑनलाइन अपलोड करनी चाहिए ताकि वे अपनी गलतियों को समझ सकें और सुधार कर सकें.

सिमुलतला: कभी सफलता की गारंटी, अब संघर्ष जारी

  • 2015 में टॉप टेन में 30 छात्रों ने जगह बनाई थी.
  • 2016 में 42 छात्र टॉपर्स की सूची में थे.
  • 2019 तक यह संख्या 16 तक गिर गई.
  • 2020 में सिर्फ 6 छात्र टॉप-10 में आए.
  • 2021 में 13 छात्रों ने जगह बनाई.
  • 2022 में यह संख्या सिर्फ 5 रह गई.
  • 2024 में कोई भी छात्र टॉप 5 या टॉप 10 में नहीं आ सका.

क्या सरकार उठाएगी ठोस कदम?

सिमुलतला आवासीय विद्यालय की स्थापना 2010 में गुरुकुल पद्धति पर आधारित शिक्षा देने के लिए की गई थी. इसे बिहार के सर्वश्रेष्ठ मेधावी छात्रों का केंद्र माना जाता था. लेकिन अब लगातार गिरते रिजल्ट ने स्कूल की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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