पटना के ठेकेदार रिशु श्री को SVU ने उठाया, छापेमारी में मिले किलो में सोना-चांदी, हीरा और नोटों के बंडल, पूरा मामला समझिए

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 28 May 2026 11:07 AM

विज्ञापन

छापेमारी के दौरान की तस्वीर

Bihar News: बिहार में सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. एसवीयू की छापेमारी में ठेकेदार रिशु श्री के फ्लैट से करोड़ों की संपत्ति, सोना-चांदी और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं. जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए टीम एसवीयू के ऑफिस ले गई.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार में सरकारी ठेकों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बड़ा एक्शन लिया है. ठेकेदार रिशु श्री को हिरासत में लिया गया है. यह कार्रवाई टेंडर में हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई है. हिरासत में लेने के बाद ठेकेदार को विशेष निगरानी इकाई दफ्तर ले जाया गया, जहां देर रात तक उनसे कड़ी पूछताछ की गई. विशेष निगरानी इकाई का कहना है कि टीम के पास रिशु श्री के खिलाफ पक्के सबूत हैं, जिनके आधार पर पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

बुधवार को छापेमारी के दौरान एसवीयू को 61 सेल डीड के कागजात, करीब सवा किलो सोना, चांदी, हीरे के जेवर और ढाई लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं. बरामद गहनों की कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है. एजेंसी अब रिशु श्री की अन्य संपत्तियों और निवेश की भी जांच कर रही है.

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

सरकार ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया है. एसवीयू की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी ठेकों में किस तरह गड़बड़ी की गई और किन-किन लोगों को इसका फायदा पहुंचाया गया. सूत्रों के मुताबिक रिशु श्री के कुछ बड़े अधिकारियों और आईएएस अफसरों से करीबी संबंध थे. जांच एजेंसियां अब इन कनेक्शनों की भी पड़ताल कर रही हैं.

आईएएस संजीव हंस भी जांच के घेरे में

एसवीयू ने 30 अप्रैल 2025 को रिशु श्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था. इस मामले में बिहार कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि सरकारी निविदाओं में हेरफेर कर अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया.

ईडी की जांच में भी मिला था करोड़ों का खजाना

इस मामले में इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कार्रवाई कर चुका है. नवंबर 2025 में ईडी ने रिशु श्री के ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान भी 51 लाख रुपये नकद, करीब दो करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवर और 61 सेल डीड के दस्तावेज मिले थे.

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिशु श्री और आईएएस संजीव हंस को आरोपी बनाया था. जांच एजेंसी का दावा है कि रिशु श्री ने कई बड़े अधिकारियों से संबंधों का फायदा उठाकर जल संसाधन, नगर विकास और भवन निर्माण विभागों में ठेके हासिल किए.

अफसरों को कमीशन और विदेश यात्राओं का आरोप

ईडी सूत्रों के अनुसार रिशु श्री पर अधिकारियों को कमीशन देने और उनके निजी खर्च उठाने के आरोप भी हैं. इतना ही नहीं, कुछ अधिकारियों की विदेश यात्राएं स्पॉन्सर करने की बात भी जांच में सामने आई है. जांच एजेंसियों का मानना है कि अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रिया को पहले से सेट किया जाता था, ताकि खास कंपनियों को फायदा मिल सके.

डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन की हो रही जांच

एसवीयू की टीम छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी योजनाओं में कितनी राशि का घोटाला हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल हैं. इस कार्रवाई के बाद बिहार में सरकारी ठेकों और टेंडर प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है.

Also Read: कैमूर-वाल्मीकिनगर में हेलीपोर्ट, अधौरा में डिग्री कॉलेज, आदिवासियों के लिए भी सीएम सम्राट ने खोला पिटारा

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन