बिहार भूमि पोर्टल हुआ सुपरफास्ट, अब हेक्टेयर की जगह एकड़-डिसमिल में दिखेगी आपकी जमीन
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 15 Feb 2026 7:34 PM
बिहार भूमि पोर्टल (सांकेतिक फोटो)
Bihar Bhumi Portal: बिहार भूमि पोर्टल पर सर्वर मेंटेनेंस पूरा हो चुका है और सभी ऑनलाइन सेवाएं फिर शुरू हो गई हैं. कई जमाबंदी अभिलेखों में क्षेत्रफल को हेक्टेयर से एकड़ और डिसमिल में बदला गया है.
Bihar Bhumi Portal: डिजिटल जमीन सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए बिहार भूमि पोर्टल पर रविवार को आठ घंटे का सर्वर मेंटेनेंस किया गया. सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक पोर्टल की सभी ऑनलाइन सेवाएं टेम्पररी रूप से बंद रहीं. अब मेंटेनेंस का काम पूरा हो चुका है और सारी सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गई हैं.
क्या-क्या सुधार किया गया
विभाग ने बताया कि इस मेंटेनेंस का मकसद पोर्टल को पहले से ज्यादा तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना था. टेक्निकल टीम ने सर्वर अपग्रेड किया, सुरक्षा सिस्टम को मजबूत किया और बैकएंड में जरूरी सुधार किए. इसके साथ ही डेटा को साफ और व्यवस्थित करने का काम भी किया गया.
इस दौरान जमीन रिकॉर्ड से जुड़ा एक बदलाव भी किया गया. राज्य में कुल 43430 जमाबंदी अभिलेखों में दर्ज जमीन का क्षेत्रफल पहले हेक्टेयर में लिखा था. इसे अब बदलकर एकड़ और डिसमिल में अपडेट कर दिया गया है, ताकि लोगों को समझने में आसानी हो और रिकॉर्ड एक समान रहे.
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क्या बोले मंत्री
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि 10 लाख 81 हजार 815 जमाबंदी रिकॉर्ड में अलग-अलग प्लॉट का क्षेत्रफल तो दर्ज था, लेकिन कुल रकबा नहीं लिखा गया था. तकनीकी जांच के बाद सभी प्लॉट का क्षेत्रफल जोड़कर कुल जमीन का आंकड़ा तय किया गया और रिकॉर्ड अपडेट किया गया.
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह कदम डिजिटल भूमि सेवाओं को और पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम है. उन्होंने कहा कि पोर्टल को तकनीकी रूप से मजबूत किया गया है ताकि लोगों को तेज और सटीक सेवा मिल सके.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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