नीतीश कैबिनेट का फैसला : नशा करते पकड़े गये तो सरकारी कर्मियों की जायेगी नौकरी
Updated at : 14 Feb 2024 8:11 PM (IST)
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पटना :बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के दायरे को सरकारी कर्मियों के लिए ज्यादा विस्तृत और सख्त कर दिया गया है. अब किसी तरह के मादक या नशीले पदार्थ का सेवन करते पकड़े जाने पर न्यायिक सेवा समेत राज्य सरकार में तैनात सभी स्तर के कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी. इससे संबंधित प्रस्ताव […]
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पटना :बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के दायरे को सरकारी कर्मियों के लिए ज्यादा विस्तृत और सख्त कर दिया गया है. अब किसी तरह के मादक या नशीले पदार्थ का सेवन करते पकड़े जाने पर न्यायिक सेवा समेत राज्य सरकार में तैनात सभी स्तर के कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी.
इससे संबंधित प्रस्ताव पर बुधवार को कैबिनेट की हुई बैठक में मुहर लगा दी गयी. बैठक में 40 एजेंडों को लाया गया, जिनमें 36 मंजूर हुए. बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि बिहार जुडिशियल ऑफिसर्स कंडक्ट रूल्स, 2017 और बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 में अहम संशोधन किये गये हैं.
अब बिहार न्यायिक सेवा समेत सभी स्तर के सरकारी कर्मियों के सर्विस कोड (सेवा नियमावली) में यह प्रावधान कर दिया गया है कि राज्य की सीमा में अगर किसी स्तर के कर्मी किसी तरह के मादक या नशीले पेय, औषधि, पदार्थ, ड्रग्स या अन्य सामग्री का सेवन करते पकड़े गये, तो उन पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जायेगी. किसी सार्वजनिक या अन्य किसी स्थान पर किसी तरह के मादक पेय के सेवन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सभी स्तर के न्यायिक अधिकारियों पर भी यह नियम समान रूप से लागू होगा.
गौरतलब है कि राज्य में पांच अप्रैल, 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, जिसके अंतर्गत राज्य के सभी सरकारी कर्मी और नागरिक आते हैं. इसमें सजा के जो प्रावधान हैं, वे सभी पर समान रूप से लागू हैं. लेकिन सरकारी कर्मियों के लिए यह नया प्रावधान किया गया है, जिसमें शराबबंदी कानून में निर्धारित सजाओं के अलावा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चलायी जायेगी. अगर कोई सरकारी कर्मी इस तरह के किसी अपराध में पाये गये, तो उन्हें अतिरिक्त रूप से विभागीय कार्रवाई से भी गुजरना पड़ेगा.
इसके अलावा राज्य सरकार ने बिहार उच्च न्याय सेवा (संशोधन) नियमावली, 2017 में भी कई अहम संशोधन किये गये हैं. अब साल में एक बार इस सेवा में अवश्य रूप से बहाली होगी. एडहॉक पर भी नियुक्ति की जायेगी. पहले यह प्रावधान था कि 65% पदों को प्रोन्नति से भरा जायेगा, लेकिन अब हाइकोर्ट के स्तर पर या अनुमति से मेरिट के आधार पर भी जजों की बहाली की जा सकती है. इस संशोधन से निचली अदालतों में जजों के बड़ी संख्या खाली पड़े पदों को भरने में काफी सहायता मिलेगी.
कन्वेंशन सेंटर का नाम सम्राट अशोक पर
पटना में गांधी मैदान के पास तैयार हो रहे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर का नाम ‘सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर’ रखा गया है. इसकी स्वीकृति कैबिनेट ने दे दी है.
मोकामा टाल के लिए 188 करोड़ जारी
मोकामा टाल क्षेत्र में जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए विशेष योजना तैयार की जायेगी. इसके लिए 188 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं. इस राशि से खनुआ सोता, डुमना सोता, गायघाट सोता, लंगड़ी पइन के प्रवेश बिंदु पर एंटी फ्लड स्लूइस गेट और हरोहर नदी में बालगुदर के पास एएफएस सह रेगुलेटर निर्माण कराया जायेगा. इस योजना का मुख्य लक्ष्य पटना जिले के बख्तियारपुर, फतुहा, पंडारक, मोकामा, अथमलगोला, बाढ़ व अन्य प्रखंडों और लखीसराय जिले में बड़हिया प्रखंड की 1.06 लाख से ज्यादा हेक्टेयर जमीन को जलजमाव से मुक्त करना है.
मोकामा टाल क्षेत्र में जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए विशेष योजना तैयार की जायेगी. इसके लिए 188 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं. इस राशि से खनुआ सोता, डुमना सोता, गायघाट सोता, लंगड़ी पइन के प्रवेश बिंदु पर एंटी फ्लड स्लूइस गेट और हरोहर नदी में बालगुदर के पास एएफएस सह रेगुलेटर निर्माण कराया जायेगा. इस योजना का मुख्य लक्ष्य पटना जिले के बख्तियारपुर, फतुहा, पंडारक, मोकामा, अथमलगोला, बाढ़ व अन्य प्रखंडों और लखीसराय जिले में बड़हिया प्रखंड की 1.06 लाख से ज्यादा हेक्टेयर जमीन को जलजमाव से मुक्त करना है.
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