सुशील मोदी ने नीतीश कुमार से पूछा सवाल, मुख्यमंत्री बताएं कि वे नोटबंदी के पक्ष में या विरोध में?
Updated at : 25 Nov 2016 7:22 AM (IST)
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पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बताएं कि वे नोटबंदी के पक्ष में या विरोध में हैं. उन्होंने कहा है कि एक ओर तो नीतीश कुमार नोटबंदी का स्वागत करते हैं और काला धन के खात्मे के लिए […]
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पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बताएं कि वे नोटबंदी के पक्ष में या विरोध में हैं. उन्होंने कहा है कि एक ओर तो नीतीश कुमार नोटबंदी का स्वागत करते हैं और काला धन के खात्मे के लिए इसे जरूरी कदम बताते हैं.
दूसरी ओर उनकी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद शरद यादव सहित उनके अन्य सांसद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ धरना में शामिल होकर नोटबंदी के निर्णय को वापस करने की मांग कर रहे हैं. सीएम को बताना चाहिए कि क्या वे शरद यादव के इन बयानों से सहमत हैं कि ‘नोटबंदी का वहीं हश्र होगा जो नसबंदी का हुआ?’ ‘नोटबंदी आर्थिक अपातकाल है.’ मोदी ने कहा कि शरद यादव तो नोटबंदी की वैधानिकता पर ही सवाल खड़ा कर कह रहे हैं. नोटबंदी ने छोटे व्यापारियों के व्यापार को पूरी तरह से खत्म कर दिया है.
प्रधानमंत्री से पूछ रहे हैं कि आप एक आदमी को उसकी कमाई का पैसा निकालने से रोक रहे हैं, जो उसका मौलिक अधिकार है. सरकार बताए कि इससे कालाधनकैसे रुकेगा?’मोदी ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा के तत्काल बाद केंद्र सरकार के इस निर्णय का नीतीश कुमार ने स्वागत किया, वहीं उन्होंने केंद्र सरकार से बेनामी संपत्ति के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जब काले धन के खात्मे के लिए नीतीश कुमार ने नोटबंदी को सराहनीय कदम बताया, तो फिर शरद यादव और जदयू के अन्य सांसदों का ममता बनर्जी के साथ नोटबंदी के निर्णय को वापस करने की मांग क्या जदयू के दोहरे चरित्र को नहीं दिखा रहा है? क्याऐसे में अपनी पार्टी के सर्वेसर्वा होने के नाते नीतीश कुमार को यह स्पष्टनहीं करना चाहिए कि वे और उनकी पार्टी नोटबंदी के समर्थन में हैं या विरोध में?क्या जदयू का यह दोहरापन उसके सैद्धांतिक दिवालियापन को उजागर नहीं कर रहा है?
असुविधाओं से सरकार को अवगत कराना विपक्ष का काम : संजय सिंह
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि अगर जनता को परेशानी होगी तो विपक्षी दल होने की वजह से सरकार की नीतियों का विरोध करना उचित है. लोकतंत्र में सरकार को जनता की असुविधाओं से अवगत कराना विपक्ष का काम होता है. भाजपा नोटबंदी के मामले को डायवर्ट कर रही है.जदयू ने कभी भी नोटबंदी का विरोध नहीं किया है. इस नोटबंदी को लेकर पहले दिन से जदयू ने केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन जो खामियां है, जो लोगों को दिक्कत हो रही है, लोग परेशान हो रहे हैं, उन सभी समस्याओं को लेकर अगर केंद्र सरकार से मांग की जा रही है कि उनकी सुविधा बढ़े. इसमें विरोध कहां से लग रहा है.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया है. उन्होंने साफ कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के फैसले के पीछे भावना सही है, इसलिए इसका सम्मान किया जाना चाहिए. नोटबंदी के चलते ग्रामीण इलाकों में परेशानी हो रही है. इस तरह की कमियों के मुद्दे को उठाने से पार्टी पीछे नहीं हटेगी. नोटबंदी के बाद बाजार में छुट्टे नोटों की कमी हो गयी. इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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