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बिहार विकास में अव्वल, पर छाती पीटनेवालों को क्या कहें

Updated at : 19 Jan 2016 6:19 AM (IST)
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बिहार विकास में अव्वल, पर छाती पीटनेवालों को क्या कहें

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में निवेशकों को सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार ने 500 करोड़ का वेंचर फंड स्थापित किया है. ऐसे में निवेशकों को कोई परेशानी नहीं है. सोमवार को मौर्या होटल सभागार में भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) के नये कार्यालय भवन के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में निवेशकों को सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार ने 500 करोड़ का वेंचर फंड स्थापित किया है. ऐसे में निवेशकों को कोई परेशानी नहीं है. सोमवार को मौर्या होटल सभागार में भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) के नये कार्यालय भवन के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की विकास दर बढ़ रही है. यहां का विकास उस गति से बढ़ रहा है, जो दूसरे राज्यों की नहीं है. यह बात राज्य सरकार नहीं, बल्कि नीति आयोग ने कही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 10 साल से चल रही औद्योगिक नीति में इस बार बदलाव करेगी और नयी नीति लायी जायेगी.
भाजपा पर हमला करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि नीति आयोग ने बिहार की विकास दर 17.06 फीसदी बतायी है, लेकिन छाती पीटनेवालों का वे क्या कर सकते हैं. सुबह से शाम तक की दो-चार घटनाओं को जोड़ कर छाती पीट रहे हैं. जब लोग कहते हैं कि सब कुछ खत्म हो गया, तो इतना विकास कैसे हो रहा है? मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 10 साल पहले औद्योगिक नीति बनी थी, जो अभी काम कर रही है. इस वर्ष नयी औद्योगिक नीति तैयार की जायेगी. राज्य के चीनी उद्योग को सफल बताते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार के मक्के की तीन फसली खेती होती है. इसके फूट प्रासेसिंग के क्षेत्र में निवेश हो रहा है. बिहार फाउंडेशन के माध्यम से यहां छोटे व मझोले उद्यमी आ रहे हैं. यह भी सच है कि यहां रातोंरात बड़े उद्योग नहीं आ सकते. पूर्व से राज्य का सभी क्षेत्रों में विकास हो रहा है. इसके अलावा सात निश्चयों से तो राज्य में उद्यमियों के लिए और अवसर बढ़ेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवा उद्यमियों में उत्साह है. बड़ी कंपनियां बाजार के पसंद और नापसंद के अनुसार काम करती हैं. सरकार का काम उद्योगों के लिए वातावरण तैयार करना है. उद्यम लगाने में कुछ रिस्क तो होता है, पर रिस्क तो सभी क्षेत्रों में है. घर में या बैंक में पैसा रखने के अलावा अन्य क्षेत्र भी है, जहां पर पैसे का निवेश किया जा सकता है. यह बताना सेबी का काम है.इस मौके पर वित्त मंत्री अब्दुलबारी सिद्दीकी ने बताया कि यहां के बैंकों में सीडीआर तो होता है, पर वे बड़ी राशि का खर्च बिहार में न करके दूसरे राज्यों में करते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में सेबी की बड़ी जिम्मेवारी है. पहला, निवेशकों का पैसा बचाना और दूसरा यहां पर निवेश करने की संस्कृति का विकास करना है.सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा ने बताया कि देश में सेबी के 16 कार्यालय खोले गये हैं. इनके माध्यम से अनधिकृत पैसा संग्रह की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जायेगा. समारोह को मुंबई एक्सचेंज के सीइओ आशीष कुमार चौहान के अलावा संजय नायर, हर्षद ठक्कर, शिव शंकर लाथुर ने भी संबोधित किया.साल भर में पैसा दोगुना करनेवाले घूम रहे हैं तरह-तरह केठग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में तरह-तरह के ठग घूमते हैं. झांसा भी देते हैं कि एक साल में पैसा दोगुना कर देंगे. अगर सेबी जागरूकता फैलाये, तो राज्य के गरीब या छोटे निवेशक को बचाया जा सकता है. साथ ही लोगों को यह भी बताया जा सकता है कि उनका पैसा किस-किस क्षेत्र में लगाया जा सकता है.केंद्र दे यूके सिन्हा को सेवा विस्तार नहीं तो हम देंगे बड़ी जिम्मेवारी सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा की ओर मुखाितब होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा होगा िक केंद्र सरकार उनकी सेवा को विस्तार दे दे, अन्यथा बिहार के लोगों को उनके समय का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने मुंबई के नये उद्यमियों को बिहार में आने का न्योता भी दिया.
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