बिहार में शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, भोजपुर से सुपौल तक अधिकारियों पर कार्रवाई
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की फाइल फोटो
Bihar Education Department Action: बिहार शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई हुई है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर छह वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित या बर्खास्त किया गया है. भोजपुर, बांका, सुपौल और मधुबनी के अधिकारी पर कार्रवाई की गई हैं. कुछ दोषी अधिकारियों के वेतन और पेंशन में भी कटौती होगी.
Bihar Education Department Action: बिहार की शिक्षा विभाग से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाया है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक हाई लेवल मीटिंग के बाद लापरवाह और दागी अफसरों पर बड़ी गाज गिराई है. मंत्री के कड़े आदेश पर विभाग के 6 सीनियर अधिकारियों को एक साथ सस्पेंड और बर्खास्त कर दिया गया है. इसके साथ ही कई अन्य दोषी अधिकारियों के वेतन और पेंशन में हमेशा के लिए कटौती करने का भी आदेश दिया गया है. कार्रवाई की जद में आने वाले अफसरों में भोजपुर, बांका, सुपौल और मधुबनी के डीईओ, डीपीओ और बीईओ शामिल हैं.
इन अफसरों पर गिरी गाज
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने चेतावनी दी है कि भ्रष्टाचार और काम में ढिलाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी. विभाग के आदेश के मुताबिक, कार्रवाई का शिकार हुए अफसरों में सबसे पहला बड़ा नाम भोजपुर के तत्कालीन डीपीओ मोहम्मद इरशाद अंसारी का है. इन पर सरकारी पैसे के गबन और भारी वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप थे, जिसके जांच में दोषी पाए जाने पर शिक्षा मंत्री ने इन्हें सीधे नौकरी से बर्खास्त कर दिया है.
बांका के तत्कालीन डीईओ पवन कुमार पर भी भ्रष्टाचार और काम में लापरवाही के गंभीर आरोप लगे, जिसके बाद इन्हें सस्पेंड कर दिया गया. पवन कुमार फिलहाल पूर्वी चंपारण में डीपीओ के पद पर तैनात हैं. सुपौल के तत्कालीन डीईओ रामाशीष महतो पर बिहार शिक्षक बहाली प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी और धांधली करने का आरोप लगा है, जिसके कारण इन पर निलंबन की गाज गिरी है.
प्रशासनिक लापरवाही के मामले में बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन सचिव राजेश कुमार को भी सरकारी फाइलों को अटकाने और ढुलमुल रवैया अपनाने के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. इसके अलावा, मधुबनी जिले के मधेपुर की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मरजीना खातून का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SLC) जारी करने के बदले खुलेआम घूस लेते हुए वीडियो सामने आया था.
ड्यूटी में लापरवाही और मनमानी करने के आरोपों में बांका के एक और तत्कालीन डीईओ देवेंद्र झा को भी निलंबित कर दिया गया है.
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दोषी अफसरों के वेतन और पेंशन में होगी स्थायी कटौती
विभाग की जांच में जिन अधिकारियों पर पैसों की हेराफेरी और आर्थिक गड़बड़ी साबित हुई है, उनके खिलाफ वेतन और पेंशन कटौती जैसी कड़ी सजा तय की गई है. सरकार का मानना है कि इस तरह के कड़े आर्थिक फैसलों से भ्रष्ट अधिकारियों के बीच कानून का डर बैठेगा और विभाग में ईमानदारी से काम होगा.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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