बिहार में अब NH के दोनों तरफ इतने मीटर तक नहीं बनेगा कोई मकान, सरकार ला रही है नई नीति, क्या होंगे नियम

Edited by Paritosh Shahi
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सांकेतिक फोटो

Bihar Road Construction Department: बिहार सरकार नेशनल हाईवे के दोनों ओर 15-15 मीटर तक निर्माण पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है. नई नीति के तहत निजी जमीन का मालिकाना हक बना रहेगा, लेकिन वहां मकान, दुकान या ढाबा नहीं बन सकेगा. इसका प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में जाएगा.

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Bihar Road Construction Department: बिहार में नेशनल हाईवे (NH) पर बढ़ते अतिक्रमण को हटाने और सड़क हादसों को रोकने के लिए सम्राट सरकार एक नीति बनाने जा रही है. इस नए नियम के लागू होने के बाद राज्य से गुजरने वाले सभी नेशनल हाईवे के दोनों तरफ 15-15 मीटर की दूरी तक किसी भी तरह का पक्का निर्माण करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी. पथ निर्माण विभाग ने इस प्रस्ताव का पूरा खाका तैयार कर लिया है.

फिलहाल इस पर कानून, परिवहन और ट्रैफिक पुलिस समेत कई संबंधित विभागों से सलाह ली जा रही है. सभी विभागों से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही इसे राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. कैबिनेट की मुहर लगते ही यह नियम पूरे बिहार में लागू हो जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

बिहार में नेशनल हाईवे के किनारों को सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाने की यह तैयारी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के नेशनल हाईवे से अवैध कब्जे हटाने और उनके किनारों पर होने वाले असुरक्षित निर्माणों पर पाबंदी लगाने का निर्देश दिया था. इसी आदेश का पालन करने के लिए बिहार का पथ निर्माण विभाग इस नीति को अंतिम रूप देने में जुटा है.

चूंकि यह मामला केवल सड़कों से नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन से भी जुड़ा है, इसलिए सरकार हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है. अधिकारियों के मुताबिक, इसके कानूनी पहलुओं को बारीकी से जांचा जा रहा है ताकि आगे चलकर कोई कानूनी अड़चन न आए.

जमीन आपकी रहेगी, लेकिन मकान या दुकान बनाने पर होगी रोक

इस नई नीति के तहत हाईवे के किनारे मौजूद निजी जमीन मालिकों के अधिकारों और पाबंदियों को लेकर नियम बिल्कुल साफ कर दिए गए हैं. नेशनल हाईवे के किनारे 15 मीटर के दायरे में आने वाली निजी या रैयती जमीन का मालिकाना हक उसी व्यक्ति के पास रहेगा, जिसकी वह जमीन है.

जमीन मालिक इस 15 मीटर के क्षेत्र का इस्तेमाल अपने आने-जाने का रास्ता बनाने या खेती-बारी करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र होकर कर सकेंगे. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस तय 15 मीटर की सीमा के अंदर कोई भी मकान, दुकान, गोदाम या किसी भी तरह का स्थायी या अस्थायी निर्माण करने की मनाही होगी.

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सड़क हादसों को रोकने की सरकारी कोशिश

बिहार में आए दिन नेशनल हाईवे के किनारों पर होने वाले अवैध निर्माण और अतिक्रमण की वजह से बड़े सड़क हादसे होते रहते हैं. सरकार का मानना है कि हाईवे के दोनों तरफ 15 मीटर का बफर जोन रहने से वाहन चालकों को दूर तक साफ दिखाई देगा. इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी. यह नई नीति मुख्य रूप से ग्रामीण और शहरी इलाकों में दुर्घटना के लिहाज से खतरनाक माने जाने वाले ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने में बहुत मददगार साबित होगी.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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