संवाददाता, पटना मनरेगा में राज्यभर में 10 फीसदी ही कार्य हो रहे हैं. बरसात के कारण 90 फीसदी कार्य ठप हो गये हैं. वर्तमान में अभी पौधारोपण और प्रधानमंत्री आवास में ही मजदूरों को काम मिल रहा है. पोखर, पइन और कच्ची सड़क निर्माण का कार्य पूरी तरह से बंद हो गया है. राज्य के सभी जिलों में कमोवेश ऐसी ही स्थिति है. बारिश होने से पोखर, पइन और कच्ची सड़क निर्माण का कार्य नहीं हो सकता है. इस कारण इन योजनाओं में काम करने वाले मजदूर घट गये हैं. मनरेगा में आम दिनों में प्रतिदिन 21 से 23 लाख तक मजदूर काम करते हैं. वर्तमान में प्रतिदिन एक लाख मजदूर ही काम कर रहे हैं. लगभग 22 लाख मजदूर मनरेगा में अभी कम काम कर रहे हैं. मजदूरी मद में 429 करोड़ शेष : मनरेगा में रेगुलर कार्य होने से मजदूरी मद में बड़ी राशि दी जाती है. इससे प्राय: मजदूरी मद में राशि का टोटा बना रहता है. वर्तमान में मजदूर काफी कम संख्या में काम कर रहे हैं. इस कारण मनरेगा मजदूरों के कम काम करने से मजदूरी मद में 429 करोड़ रुपये बचे हैं.
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