मनीष रंजन को नहीं मिली जमानत, पटना NEET छात्रा केस में CBI बोली- जांच में हमें हॉस्टल ऑनर की जरूरत नहीं
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 02 Mar 2026 2:59 PM
शंभू गर्ल्स हॉस्टल और मनीष रंजन की तस्वीर
Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को फिलहाल राहत नहीं मिली है. जमानत याचिका पर लंबी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने CBI और SIT से कड़े सवाल पूछे और अगली तारीख 11 मार्च तय कर दी.
Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन को राहत नहीं मिली है. सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर करीब पौने दो घंटे तक सुनवाई चली. लेकिन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख दे दी. अब इस मामले में 11 मार्च को CBI के मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई होगी.
जमानत पर बहस के दौरान तीखी नोकझोंक
सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार के वकील और CBI के वकील के बीच तीखी बहस हुई. परिवार के वकील ने जांच में लापरवाही का आरोप दोहराया. उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही जांच ठीक से नहीं की गई.
इस पर CBI के वकील ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि यह जमानत की सुनवाई है, एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का मंच नहीं. सबसे अहम बात यह रही कि CBI ने कोर्ट में लिखित तौर पर कहा कि फिलहाल उन्हें जांच में मनीष रंजन की जरूरत नहीं है.
कोर्ट के सीधे सवाल
28 फरवरी को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई सख्त सवाल किए. पूछा गया कि मनीष रंजन पर आखिर ठोस आरोप क्या हैं? उनके खिलाफ सबूत क्या हैं? क्या एजेंसी को अब भी उनकी जरूरत है?
कोर्ट ने यह भी पूछा कि केस में पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया? CBI ने 12 फरवरी को 307 (अटेंप्ट टू मर्डर) की धारा में केस दर्ज किया है. कोर्ट ने साफ कहा कि जब आपके पास अटेंप्ट टू मर्डर का केस है, तो यह स्पष्ट करें कि आरोपी की हिरासत क्यों जरूरी है.
SIT और CBI का अलग रुख
इस केस की शुरुआत चित्रगुप्त नगर थाने से हुई थी. 17 जनवरी तक तत्कालीन थानेदार रौशनी कुमारी जांच कर रही थीं. इसके बाद SIT को जांच सौंपी गई. सुनवाई के दौरान SIT ने कहा कि मनीष रंजन एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं. इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था. हालांकि अब जांच CBI कर रही है, इसलिए SIT को उनकी जरूरत नहीं है.
CBI को जांच संभाले 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं. कोर्ट ने पूछा कि इस दौरान मनीष रंजन को लेकर क्या ठोस प्रगति हुई?
जब्त सबूतों पर उठे सवाल
कोर्ट ने तत्कालीन IO रौशनी कुमारी से पूछा कि छात्रा का मोबाइल और हॉस्टल का DVR जब्त करने के बाद FSL जांच क्यों नहीं कराई गई? सबूत 24 घंटे में कोर्ट में क्यों पेश नहीं किए गए? रौशनी ने कहा कि उन्होंने 17 जनवरी को सभी सामान SIT को सौंप दिए थे. लेकिन SIT ने कहा कि उन्हें यह सामग्री 24 जनवरी को मिली. दोनों के बयानों में अंतर दिखा. इस पर पीड़ित परिवार ने सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया.
SDPO से भी पूछताछ
SIT को लीड कर रहीं सचिवालय SDPO-1 डॉ. अन्नू कुमारी से भी कोर्ट ने सवाल किए. पूछा गया कि मनीष रंजन कब बिहार से बाहर गए? कब पकड़े गए? उनका बयान क्या था? डॉ. अन्नू ने कोर्ट को बताया कि CDR खंगाला गया है और लोकेशन मिलान किया गया है.
11 मार्च को अगली सुनवाई
करीब दो घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 11 मार्च तय की. फिलहाल मनीष रंजन को जमानत नहीं मिली है.
Also Read: अमित शाह के सीमांचल दौरे के बाद एक्शन प्लान तैयार, संदिग्ध आधार केंद्रों पर जल्द होगी छापेमारी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










