बिहार में अब फटाफट होगी जमीन की ई-मापी, डेपुटेशन पर भेजे जायेंगे सरकारी अमीन

Published by : Preeti Dayal Updated At : 06 Jun 2026 1:40 PM

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AI फोटो

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन की ई-मापी को लंबित देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से पहल की गई है. विभाग ने ई-मापी में तेजी लाने के लिए सरकारी अमीनों को डेपुटेशन पर भेजे का निर्णय लिया है. राज्य में लगभग 45 हजार मामले लंबित हैं.

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पटना से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट
Bihar Bhumi:
बिहार में जमीन की ई-मापी को लेकर सरकार ने खास पहल की है. बड़ी संख्या में जमीन से जुड़े लंबित मामलों को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फैसला लिया कि अब सरकारी अमीनों की डेपुटेशन पर तैनाती करके इसमें तेजी लाई जायेगी. इसके तहत ई-मापी के लिए कम और अधिक आवेदन वाले अंचलों की पहचान की जायेगी.

इस तरह सरकारी अमीनों का किया जाएगा डेपुटेशन

ई-मापी के कम आवेदन वाले अंचलों से अमीनों को फुरसत मिलते ही उनका डेपुटेशन ई-मापी के लिए अधिक आवेदन वाले अंचलों में कर दिया जायेगा. विभाग का मानना है कि इससे ई-मापी के आवेदनों के समाधान में तेजी आयेगी. राज्य में राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान ई-मापी के लंबित आवेदनों की जानकारी मिलने पर विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने भी इसके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है.

राज्य में 45 हजार मामले अब तक लंबित

सूत्रों के अनुसार, राज्य में ई-मापी के करीब 45 हजार मामले लंबित हैं. इन सभी का समाधान तय समय सीमा में नहीं हुआ है. कई जिलों में लोगों को अपनी जमीन की मापी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है. इसे देखते हुए विभाग ने प्रशिक्षित अमीनों को सेवा में लेने की भी योजना बनाई है. इससे तय समय में ई-मापी का काम पूरा किया जा सकेगा. ऐसे प्रशिक्षित अमीनों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से करने की तैयारी शुरू हो चुकी है.

सरकार का ये है मकसद

जानकारी के मुताबिक, जमीन मापी से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ई-मापी का तय समय में समाधान और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटारे के लिए तैयारी तेज कर दी है. इसका मकसद जमीन विवादों का तेजी से समाधान करना भी है.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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