पटना : अंगदान करने पर दिये जायेंगे एक लाख रुपये
Updated at : 10 Feb 2020 8:38 AM (IST)
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ओड़िशा के तर्ज पर देहदान करने वालों के लिए प्रोत्साहन राशि देने पर करेंगे विचार : मोदी पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि देहदान और ब्रेन डेड से मृत हुए लोगों का अंगदान करने के लिए आम लोगों को प्रेरित करने की जरूरत है. बिहार सरकार भी ओड़िशा के तर्ज […]
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ओड़िशा के तर्ज पर देहदान करने वालों के लिए प्रोत्साहन राशि देने पर करेंगे विचार : मोदी
पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि देहदान और ब्रेन डेड से मृत हुए लोगों का अंगदान करने के लिए आम लोगों को प्रेरित करने की जरूरत है.
बिहार सरकार भी ओड़िशा के तर्ज पर देहदान करने वालों और ब्रेन डेड से मृत हुए लोगों का अंगदान करने वालों के परिजनों को प्रोत्साहन राशि देने पर विचार करेगी. इससे संबंधित नीति तैयार करने के लिए राज्य सरकार पहल करेगी. ओड़िशा ऐसे लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपये देता है. डिप्टी सीएम रविवार को पांच देशरत्न मार्ग स्थित अपने आवास में दधीचि देहदान समिति की पहली राज्यस्तरीय आमसभा को संबोधित कर रहे थे. इस समिति के संरक्षक होने के नाते उन्होंने ब्रेन डेड होने वाले लोगों का अंगदान और देहदान करने वाले लोगों के परिजनों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देहदान और ब्रेन डेड हुए लोगों का अंगदान कराने के लिए प्रोत्साहन का काम करने वाली संस्थानों को पुरस्कृत भी करेगी.
डिप्टी सीएम ने दधीचि देहदान समिति की राज्यस्तरीय आमसभा को किया संबोधित
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नेत्रदान के क्षेत्र में 2014 से पहल शुरू की गयी है. आठ करोड़ 42 लाख की लागत से सभी मेडिकल कॉलेजों में आइबैंक की स्थापना की जा रही है. अब तक आइजीआइएमएस में 441 और पीएमसीएच में 45 लोगों का नेत्रदान हो चुका है. इसके अलावा प्राइवेट हॉस्पिटलों में नेत्रदान का काम शुरू हुआ है.
उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्य अंगदान और देहदान में काफी आगे हैं, परंतु बिहार दानवीर कर्ण की धरती होकर भी इसमें पीछे है. हालांकि, यहां के लोग कुर्बानी देने के लिए जाने-जाते हैं. एक बार इससे जुड़ी भ्रांति दूर हो जायेगी, तो यहां भी इसकी गति बढ़ जायेगी. बिहार में पहला देहदान वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने अपने पिता का किया था. इस तरह की पहल से लोगों को प्रेरणा मिलेगी. इस कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय व समिति के सचिव पद्मश्री विमल जैन समेत अन्य लोगों ने भी संबोधित किया.
सभी मेडिकल कॉलेजों में तीन से चार महीने में खुल जायेगा आइ-बैंक
सुशील मोदी ने कहा है कि एक महीने में भागलपुर और गया मेडिकल कॉलेजों में आइबैंक तैयार हो जायेगा. वहीं, तीन-चार महीनों में राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में आइबैंक शुरू हो जायेगा. सभी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों को ब्रेन डेड हुए मरीजों का अंगदान कराने से संबंधित प्रशिक्षण दिया जायेगा. कुम्हरार के ब्लाइंड गर्ल्स स्कूल की लड़कियों के नेत्रों का परीक्षण किया गया था. इनमें तीन लड़कियां ऐसी मिलीं, जो ठीक हो सकती हैं.
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