पटना : केंद्र सरकार के आदेश के बाद आकार लेगा बीएटी

Updated at : 21 Jan 2020 7:48 AM (IST)
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पटना : केंद्र सरकार के आदेश के बाद आकार लेगा बीएटी

कौशिक रंजन कर्मियों के विवादों का होगा निबटारा पटना : राज्य में सरकारी कर्मचारियों के विवादों या मुकदमों का निबटारा करने के लिए बिहार ऐडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (बीएटी) के गठन का निर्णय ले लिया गया है, परंतु इसका गठन अंतिम रूप से होने में अभी देर है. इसके गठन की अधिसूचना केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय […]

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कौशिक रंजन
कर्मियों के विवादों का होगा निबटारा
पटना : राज्य में सरकारी कर्मचारियों के विवादों या मुकदमों का निबटारा करने के लिए बिहार ऐडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (बीएटी) के गठन का निर्णय ले लिया गया है, परंतु इसका गठन अंतिम रूप से होने में अभी देर है.
इसके गठन की अधिसूचना केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय के स्तर पर जारी होनी है. राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने केंद्र को इसके लिए प्रस्ताव भेज दिया है. अब केंद्र के स्तर से अंतिम स्तर पर अनुमति मिलने के बाद ही बिहार में यह मूर्तरूप ले पायेगा. केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य स्तर पर इससे नियमावली तैयार की जायेगी.
इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि इसकी रूपरेखा क्या होगी, परंतु इसमें चेयरमैन व उपचेयरमैन समेत पांच से सात सदस्यीय कमेटी होने की संभावना है. इस ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष मुख्य रूप से हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज होते हैं, जबकि वाइस चेयरमैन कोई रिटायर्ड जज या सचिव रैंक के अधिकारी भी हो सकते हैं. इसकी पूरी कमेटी में न्यायिक और गैरन्यायिक दोनों सेवा के अधिकारी होंगे.
सदस्य के तौर पर अधिकतर गैर न्यायिक सेवा के अधिकारी ही होंगे. हालांकि, इसकी पूरी नियमावली तैयार होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि इसका वास्तविक स्वरूप क्या होगा. राज्य सरकार बीएटी में अपनी जरूरत या काम की अधिकता के अनुसार कर्मियों की संख्या को बढ़ा या घटा सकती है.
राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव
इस वजह से बीएटी है बेहद जरूरी
इस बीएटी के गठन से राज्य सरकार के कर्मियों के मुकदमों का निबटारा तेजी से हो सकेगा. प्राप्त सूचना के अनुसार, राज्य के सभी विभागों में 18 से 20 हजार मुकदमे लंबित पड़े हुए हैं. इनमें सबसे ज्यादा मामले पेंशन और प्रोन्नति लाभ से जुड़े हुए हैं. इसमें कुछ एक मामले वर्षों से चल रहे हैं. सबसे ज्यादा मुकदमों की संख्या शिक्षा, स्वास्थ्य व सामान्य प्रशासन विभाग में लंबित पड़े हैं. ये मुकदमे लंबे समय से चले आ रहे हैं. बीएटी के गठन से सबसे ज्यादा फायदा इन्हीं सरकारी कर्मियों को होगा.
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