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पटना : लाइव देखें महावीर मंदिर के भगवान, माता-पिता की सेवा करनेवाले ‘श्रवण कुमार’ हुए सम्मानित

Updated at : 18 Jan 2020 5:56 AM (IST)
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पटना : लाइव देखें महावीर मंदिर के भगवान, माता-पिता की सेवा करनेवाले ‘श्रवण कुमार’ हुए सम्मानित

पटना : पटना महावीर मंदिर के अपने टीवी चैनल महावीर मंदिर पटना का उद्घाटन शुक्रवार को राज्यपाल फागू चौहान ने किया. साथ ही जियो टीवी पर महावीर मंदिर का लाइव प्रसारण शुरू हो गया है. अब सभी भक्त जियो टीवी से मोबाइल पर महावीर मंदिर की आरती व पूजा से लेकर मंदिर की मूर्ति को […]

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पटना : पटना महावीर मंदिर के अपने टीवी चैनल महावीर मंदिर पटना का उद्घाटन शुक्रवार को राज्यपाल फागू चौहान ने किया. साथ ही जियो टीवी पर महावीर मंदिर का लाइव प्रसारण शुरू हो गया है. अब सभी भक्त जियो टीवी से मोबाइल पर महावीर मंदिर की आरती व पूजा से लेकर मंदिर की मूर्ति को साक्षात देख सकेंगे. लाइव प्रसारण 24 घंटे होगा, लेकिन भक्तगण पट खुले रहने तक ही हनुमान जी का दर्शन कर सकेंगे. मंदिर के सेंटर में लगे कैमरे से लाइव टेलीकास्ट होता रहेगा.
वर्तमान में यह रिलायंस जियो के माध्यम से जियो मोबाइल पर दिखेगा, लेकिन भविष्य में इसे महावीर मंदिर की वेबसाइट www.mahavirmandirpatna.org पर भी इसे देख सकेंगे. वेबसाइट पर देखने के लिए दो या तीन दिनों का समय लग सकता है. मौके पर रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के उपाध्यक्ष बाला सुब्रमण्यम अय्यर, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पार्षद अखिलेश जैन और न्यास समिति के सचिव किशोर कुणाल के अलावा अन्य अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि पटना का यह पावन हनुमान मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है. यह मंदिर विश्व प्रसिद्ध साबित होगा.
दूसरे धर्मों के प्रति भी आदर व सम्मान का भाव रखें: राज्यपाल
पटना : महावीर मंदिर ने समाज को एक सूत्र में जोड़ने के लिए ‘रामावत संगत’ की भी स्थापना की है, जिसमें एक साथ भोजन और एक साथ भजन की बात सबसे प्रमुख है.
ये बातें शुक्रवार को महावीर मंदिर के परिसर में लाइव चैनल के उद्घाटन के दौरान राज्यपाल फागू चौहान ने कहीं. उन्होंने कहा कि हम सभी को भारतीय संस्कृति की महान परंपरा के अनुरूप अपने धर्म का अनुसरण करते हुए दूसरे धर्मों के प्रति भी आदर और सम्मान का भाव रखना चाहिए. पूरे जगत को सियाराम देखने का मतलब ही सबको एक समान देखना और समझना है. साथ ही कहा कि भारत एक एेसा देश है, जहां विभिन्न धर्मों, जातियों, संप्रदायों और संस्कृतियों से जुड़े लोग निवास करते हैं. भारत की विविधता में एकता की छवि से ही इसकी खूबसूरती झलकती है.
मां-बाप की सेवा के लिए नहीं की शादी
पटना : इस खास अवसर पर श्रवण कुमार पुरस्कार वितरण का भी आयोजन किया गया. माता-पिता की सेवा बेहतर ढंग से करने वाले लोगों के बीच महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा श्रवण कुमार का चयन किया जाता है. इसके लिए पूरे साल आवेदन लिये जाते हैं, जिनमें से श्रवण कुमार के प्रथम विजेता का चयन किया जाता है.
लेकिन, इस साल कोई भी आवेदक प्रथम और द्वितीय विजेता के मानदंड पर खरा नहीं उतर सका. अधिकारियों ने बताया कि ऐ कोई व्यक्ति नजर नहीं आया, जिसे प्रथम पुरस्कार में एक लाख की राशि और द्वितीय पुरस्कार में 50 हजार रुपये की राशि दी जाये. हालांकि कार्यक्रम के दौरान दो लोगों को तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये का चेक दे कर सम्मानित किया गया है. वहीं, पांच लोगों को समर्पण पुरस्कार के रूप में दस हजार रुपये का चेक भेंट किया गया है. उन्होंने दूसरों से भी अपील करते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है.
सेवा में भूले खुद का दुख
श्रवण कुमार में तृतीय पुरस्कार आजाद नगर, बलुआ टाल मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) के रहने वाले हिमांशु कुमार को मिला. उन्होंने मां-बाप की सेवा में जीवन को समर्पित कर दिया और शादी नहीं की. उन्होंने बताया कि पेशे से शिक्षक हूं. 2013 से पैर में परेशानी आ गयी थी, जिससे चलने में दिक्कत होती है. लेकिन, मैं अपनी माता-पिता के सेवा में खुद का दुख भूल गया. उन्होंने बताया कि मां का देहांत 1991 में ही हो गया था. इसके बाद पिताजी का ख्याल रखना मेरी जिम्मेदारी हो गयी. तीन महीने पहले पिताजी भी गुजर गये. उनकी यादें जेहन में हैं.
अकेले करता हूं 90 वर्षीया मां की सेवा
माता-पिता के कई औलाद होते हैं. लेकिन, सेवा करने वाले बहुत कम ही मिलते हैं. इनमें से एक हैं बोरिंग रोड के आलोक प्रणव शर्मा. इन्होंने अपनी जिंदगी माता-पिता के नाम कर दी. उन्होंने कहा कि पिता का देहांत हो चुका है. 90 वर्ष की मां है, जो पिछले तीन साल से लाचार हो गयी है. बुढ़ापे में गिर गयी थी, जिसका इलाज करना असंभव है. डॉक्टर ने भी कहा कि इस उम्र में क्या ऑपरेशन कराइयेगा. ऐसे में अब उनका ख्याल रखना होता है. दो भाई हैं. लेकिन, सभी बाहर रहते हैं.
इन्हें मिला तृतीय पुरस्कार (25 हजार रुपये)
1. हिमांशु कुमार, पूर्वी चंपारण
2. अलोक प्रणव वर्मा, बोरिंग रोड पटना
इन्हें समर्पण पुरस्कार
(10 हजार रुपये)
1. शिवनारायण गुप्ता, भागलपुर
2. रंजय कुमार पाण्डेय, दरभंगा
3. मनोज कुमार झा, मुजफ्फरपुर
4. बलाई मित्र, कदमकुआं
5. आनंदी कुमारी, बोरिंग रोड
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