शीतकालीन सत्र : एनआरसी को लेकर विपक्ष का हंगामा, जीएसटी संशोधन व एकमुश्त कराधान विधेयक पास

Updated at : 27 Nov 2019 8:51 AM (IST)
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शीतकालीन सत्र : एनआरसी को लेकर विपक्ष का हंगामा, जीएसटी संशोधन व एकमुश्त कराधान विधेयक पास

पटना : विधानसभा में मंगलवार का दिन भी हंगामे का रहा. एनआरसी के मुद्दे पर विपक्ष के शोर शराबे के चलते प्रश्नकाल नहीं हो पाया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य एनआरसी मुद्दे को लेकर हंगामा करने लगे और वेल में आ गये. विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने हंगामे के बीच ही […]

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पटना : विधानसभा में मंगलवार का दिन भी हंगामे का रहा. एनआरसी के मुद्दे पर विपक्ष के शोर शराबे के चलते प्रश्नकाल नहीं हो पाया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य एनआरसी मुद्दे को लेकर हंगामा करने लगे और वेल में आ गये.
विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने हंगामे के बीच ही सदस्यों को बताया कि मंगलवार का दिन संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. उन्होंने विपक्षी सदस्यों को यह कहकर भी समझाने की कोशिश की कि जब वह संविधान दिवस का विरोध करेंगे, तो नागरिकता कैसे बचेगी. करीब 10 मिनट तक हंगामे की स्थिति बनी रही. अंत में अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी. शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन शिक्षा विभाग से संबंधित कुल 55 प्रश्न पूछे गये थे. विपक्ष के सदस्य वेल में इतना हंगामा कर रहे थे कि सदन पूरी तरह से कोलाहल में डूबा हुआ था. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा अपने विभाग के प्रश्नों का जवाब तैयार कर बैठे हैं.
उनको सदन में सदस्यों के उत्तर देने का मौका तो देना चाहिए. संविधान दिवस के आरंभिक संक्षिप्त संबोधन के बाद उन्होंने राजद के नेता ललित कुमार यादव को अपना अल्पसूचित प्रश्न पूछने के लिए पुकारा भी. इधर, ललित कुमार यादव वेल में खड़ा होकर एनआरसी बिल को लेकर विरोध कर रहे थे. हंगामे के बीच संसदीय कार्यमंत्री श्रवण कुमार ने विपक्षी सदस्यों को नकली संविधान की रक्षा करनेवाला बताया. राजद ,कांग्रेस व भाकपा माले के सदस्य वेल में आकर कार्यस्थगन लाने की मांग करते रहे.
खादी मॉल पर सवाल : विधान परिषद में प्रेमचंद्र मिश्रा ने खादी मॉल पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य के बुनकरों से पांच करोड़ के परिधान उधार लिये गये थे. लगभग 84 संस्थानों को एक सप्ताह में भुगतान करने का वादा करने के बाद भी अब तक विभाग द्वारा राशि जारी नहीं की गयी.
विप में 6.55 करोड़ का अधिकाई व्यय पास
पटना : बिहार विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को दूसरे सत्र में छह करोड़, 55 लाख, 31 हजार का अधिकाई व्यय से संबंधित प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा, जो सर्वसम्मति से पारित हो गया. इस दौरान मोदी ने कहा कि 1993-94 से 1995-96 के तीन वर्षों में 469.62 करोड़ रुपया खजाने से निकाल लिया गया है.
959 भेंड़, 5664 सूअर, 40,504 मुर्गी, 1577 बकरी के लिए छह जिलों में 10.5 करोड़ के चारे की आवश्यकता थी, जिसके खिलाफ 253.33 करोड़ की फर्जी खरीद की गयी. इस दौरान राजद सदस्य सुबोध राय ने हंगामा शुरू किया और सरकार सृजन की बात क्यों नहीं करती है. इस पर मोदी ने कहा कि सदन को जानना चाहिए कि पशुपालन का क्या मामला था और किस तरह से अधिक निकासी की गयी. गाय-भैंस के सींग में तेल लगाने के नाम पर भी लाखों की निकासी हुई.
संविधान निर्माण में बिहार के योगदान पर प्रकाशित की जायेगी पुस्तक
उपमुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि एकमुश्त कर समाधान योजना के तहत 31 दिसंबर, 2019 तक आये विवादों को सुलझाया जा सकेगा. राज्य सरकार तीन माह की अवधि बढ़ा भी सकती है. उन्होंने बताया कि 35 प्रतिशत के भुगतान पर किसी भी स्तर के विवाद का एकमुश्त निबटारा किया जा सकेगा. इसके तहत करदाता द्वारा समाधान राशि से अधिकका भुगतान कर दिया जायेगा, तो वह राशि वापस नहीं होगी. मोदी ने कहा कि बकाया वसूली की लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए सरकार यह विधेयक लायी है. विधेयक के प्रावधानके मुताबिक ब्याज तथा मोबाइल चेकिंग के द्वारा पकड़े जाने पर लगा जुर्माने का भुगतानमात्र 10 प्रतिशत हो सकेगा. इस प्रावधान के मुताबिक किसी करदाता के विवाद का तभी निबटारा होसकेगा, जब वह कर अवधि के एडमिटेड टैक्स का भुगतान पूरा कर दिया होगा.
ऑक्सीटोसिन निर्माता आठ संस्थानों के लाइसेंस निलंबित
पटना. विधान परिषद में जदयू के संजीव श्याम सिंह के साग-सब्जियों, फलों व दूध में ऑक्सीटोसिन के प्रयोग संबंधी सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों से कुल 28 फलों व सब्जियों के नमूने की जांच की गयी थी. इसमें एक भी नमूने में आक्सीटोसिन की उपस्थिति नहीं पायी गयी. मंत्री ने बताया कि आठ संस्थानों के लाइसेंस को निलंबित व पांच के लाइसेंस को रद्द किया गया है.
पटना :आर्सेनिक व आयरनग्रस्त विद्यालयों में होगी डीप बोरिंग
पटना : विद्यालयों के चापाकलों के पानी की जांच करा कर आर्सेनिक व आयरन ग्रस्त जगहों पर डीप बोरिंग करायी जायेगी. विधान परिषद सदस्य नवल किशोर यादव के सवाल पर पीएचइडी मंत्री विनोद नारायण झा ने बताया कि बख्तियारपुर प्रखंड के कुल 79 विद्यालयों में लगे चापाकल के पानी की नमूने की जांच करायी गयी थी.
इसमें एक में आर्सेनिक व एक में आयरन की मात्रा अधिक पायी गयी. दानापुर प्रखंड के 123 चापाकलों के पानी की जांच में चार जगहों पर आर्सेनिक अधिक पाया गया. मनेर प्रखंड में कुल 105 विद्यालयों में 12 जगहों पर आर्सेनिक की मात्रा अधिक पायी गयी है. मंत्री ने बताया कि प्रभावित सभी चापाकलों को बंद करने व प्रभावित वार्डों में मुख्यमंत्री नल-जल योजना के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिये गये हैं. यह अगले वर्ष मार्च तक पूरा हो जायेगा.
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