माइग्रेन के रोगी चाॅकलेट, पनीर से बचें

Updated at : 11 Nov 2019 5:04 AM (IST)
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माइग्रेन के रोगी चाॅकलेट, पनीर से बचें

पटना : सर में दर्द के दौरान उल्टी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. माइग्रेन के रोगियों को आइसक्रीम, चाॅकलेट और पनीर आदि खाने से बचना चाहिए. यदि बार-बार दर्द हो तो फिजिशियन से जरूर जांच करानी चाहिए. यह जानकारी इंडियन एपलेपसी एसोसिएशन की बिहार शाखा और आइजीआइएमएस के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित न्यूरोलॉजी […]

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पटना : सर में दर्द के दौरान उल्टी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. माइग्रेन के रोगियों को आइसक्रीम, चाॅकलेट और पनीर आदि खाने से बचना चाहिए. यदि बार-बार दर्द हो तो फिजिशियन से जरूर जांच करानी चाहिए. यह जानकारी इंडियन एपलेपसी एसोसिएशन की बिहार शाखा और आइजीआइएमएस के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित न्यूरोलॉजी अपडेट कार्यक्रम में कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ प्रो कल्याण भट्टाचार्य ने माइग्रेन के बारे में दी. कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया. कार्यक्रम में न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन के साथ न्यूरोटेक्निशियन ने भी शिरकत की.

मिरगी और अन्य न्यूरोलॉजी के रोगों का इलाज संभव : आयोजक डॉ अशोक कुमार ने बताया कि मिरगी और अन्य न्यूरोलॉजी के रोगों को इलाज संभव है. मरीज को झाड़-फूंक, चप्पल सुंघाने, प्याज सुंघाने आदि से बचना चाहिए. पीएमसीएच के न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष और आर्यभट्ट विवि के कुलपति डॉ एके अग्रवाल ने बताया कि इस संगोष्ठी से राज्य के दूर दराज में रहनेवाले वैसे डॉक्टर भी लाभान्वित हुए जो नयी तकनीक से अवगत नहीं हैं. कार्यक्रम में एक क्विज का भी आयोजन किया गया.
चित्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, त्रिवेंद्रम की प्राध्यापक डॉ आशालता राधाकृष्णन ने बताया कि एंजियोप्लास्टी की तर्ज पर अब लकवा का इलाज भी शुरू हो गया है. जैसे हार्ट में ब्लाकेज होने पर धमनियों में स्टेंट डालकर एंजियोप्लास्टी होती है, उसी प्रकार अब जाघों की नसों के जरिए खास तरह का स्टेंट या माइक्रो कैथेटर डालकर दिमाग की नसों में जमे खून को हटाया जाने लगा है. लकवा मारने के छह घंटे में मरीज अस्पताल पहुंच जाए तो इससे इलाज संभव है.
अमृता इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, कोचिन से पहुंचे डॉ विवेक नांबियार ने ब्रेन की धमनियों के सिकुड़ने से होने वाली बीमारियों पर चर्चा की. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कोट्टैयम केरल से पहुंचे न्यूरोलॉजिस्ट डॉ एम मधुसूदन ने डॉक्टरों को बताया कि मस्तिष्क के किसी हिस्से में थोड़े समय के लिए रक्त की आपूर्ति में कमी होने पर टीआइए की स्थिति उत्पन्न होती है, जो पांच मिनट से भी कम समय तक के लिए रहती है. इसे खतरे का संकेत समझकर किसी अच्छे न्यूरॉलॉजिस्ट से संपर्क करें.
पीएमसीएच में जल्द ही शुरू होगा निर्माण : मंगल पांडे
पीएमसीएच को वर्ल्ड क्लास अस्पताल बनाने के लिए सरकार पूरी तरह कृत संकल्पित है. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का टेंडर कर दिया है. अब कुछ औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद जल्द ही अस्पताल का निर्माण शुरू होगा. पांच हजार करोड़ रुपये के बजट से पांच हजार से ज्यादा बेड वाला यह अस्पताल दुनिया के लिए एक मानक वाला अस्पताल होगा. ये बातें स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहीं.
वे मौर्य होटल में न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन डॉक्टरों के सम्मेलन में बतौर उद्घाटकर्ता बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि आइजीआइएमएस में पहले न्यूरोटेक्नोलॉजी में चार सीटों का डिप्लोमा कोर्स हुआ करता था, जिसे अब डिग्री कोर्स बना दिया गया है.
इस कोर्स में दस स्टूडेंट्स पढ़ रहे
हैं, जिनमें छह लड़कियां हैं. उन्होंने कहा कि न्यूरोफिजियोलॉजी में दो सीटों पर पीएचडी कोर्स भी शुरू की गयी है, जिसका भी लाभ लोग उठा सकेंगे.
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